DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मम्मी मुझे विटामिन-D दो, वरना मैं भी मोटा हो जाऊंगा!

साइमा की उम्र 13 साल है। वजन 40 किलो के लगभग है। क्लास के सारे बच्चे उसे मोटी कह कर चिढ़ाते हैं। वह अक्सर रोते हुए घर वापस आती है। साइमा की तरह कई टीनएजर हैं, जो मोटापे का शिकार हैं। कम उम्र में बढ़ता वजन किशोरों के मां-बाप को भी परेशान करता है। वे खान-पान से लेकर जिम और योग तक बच्चों पर थोपते हैं, ताकि उसका मोटापा कम हो सके। लेकिन अगर वे शुरुआत में थोड़ा ध्यान दे लेते तो शायद इस परेशानी से बच जाते।

दरअसल किशोरों में मोटापा विटामिन डी की कमी से बढ़ता है। अगर बच्चों को शुरुआत से विटामिन डी दिया जाए तो बहुत हद तक इस परेशानी पर काबू पाया जा सकता है। पिछले दिनों यूएस के वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में करीब 68 किशोरों को शामिल किया गया और सब में विटामिन डी की कमी पाई गई।

वैज्ञानिक मानते हैं कि विटामिन डी शरीर में तब पनपता है, जब त्वचा सूरज के सीधे संपर्क में आती है। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का खयाल रखना चाहिए कि बच्चा कुछ समय धूप में बिताए। साथ ही खान-पान में कुछ खास चीजें शामिल करने से भी बच्चों के शरीर को विटामिन डी मिलता है। ये चीजें हैं डेयरी प्रोडक्ट, अंडे, मछली। दलिया या दाल खाने से भी विटामिन डी मिलता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मम्मी मुझे विटामिन-D दो, वरना मैं भी मोटा हो जाऊंगा!