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नजर को न लगे गरमी की नजर!

गर्मियों के आते ही हमारी आंखें हमसे शिकायत करने लगती हैं। धूल और धूप ये दोनों आंखों के दुश्मन बन जाते हैं। जरा-सी लापरवाही से आंखों में जलन, नमी या चुभन होने लगती है। यह हल्की-फुल्की बीमारी बढ़ कर आंखों का संक्रमण या कंजक्टिवाइटिस की शक्ल अख्तियार कर लेती है। 

भारती ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर एस. भारती बताते हैं कि अमूमन किशोरों को आंखों का संक्रमण ज्यादा तेजी से होता है। खास बात यह कि लड़कियों के मुकाबले लड़के इसके शिकार ज्यादा आसानी से बनते हैं। इससे बचने का एक ही तरीका है। वह यह कि कुछ खास तरह की सावधानियां बरती जाएं। इनके बारे में कुछ बातें जानना बेहद जरूरी है। सबसे पहले जानते हैं कि इस बीमारी को पहचाना कैसे जाए।

लक्षण
अगर आंखों में जलन या खुजली की शिकायत हो रही हो। आंखों के आस-पास सूजन आ गई हो। रोशनी में देखने में दिक्कत महसूस हो रही हो या रोशनी आंखों में चुभ रही हो। आंखों से बार-बार चिपचिपा पानी बाहर आ रहा हो। आंखों में लाली सी दिखाई दे। तो ये आंखों में संक्रमण के लक्षण हैं। यही लक्षण आगे चल कर कंजक्टिवाइटिस बन जाते हैं। इससे पहले कि संक्रमण किसी गंभीर समस्या में बदले, इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

बचाव
डॉक्टर भारती बताते हैं कि धूप में निकलते वक्त गॉगल जरूर पहनें। गर्मी में बाहर निकलते वक्त कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल न करें। सुबह और शाम आंखों पर खीरे का लेप लगा सकते हैं। आंखों को दिन में जितनी बार हो सके, ठंडे पानी से धोएं। जब समय मिले, आंखों की बर्फ से सिकाई करें। स्विमिंग पूल में पानी के अंदर आंखें न खोलें, बाहर निकल कर आंख अच्छे से साफ करें। आंखों के एकदम आस-पास सनस्क्रीन न लगाएं।

ध्यान रहे
संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अपनी तरफ से कोई उपचार नहीं करना चाहिए। अमूमन लोग लक्षण दिखाई देने पर पहले घरेलू इलाज कराते हैं, जो कतई गलत है।

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