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वेयरहाउस रसीद बनेगी किस्मत की चाभी

किसानों की सबसे बड़ी जरूरत अच्छी फसल होने के बाद उसका सही दाम पर बिकना है। लेकिन यह काम फसल उगाने से भी कठिन साबित हो रहा था। किसानों की इस दिक्कत को कम करने के लिए सरकार ने वेयरहाउस की रसीदों को निगोशिएबिल इंट्रमेंट मान लिया है। इससे किसानों की तकदीर खुलने वाली है। अब किसान अपनी फसल को वेयरहाउस में रखने के बाद मिलने वाली रसीद के आधार पर कई काम कर सकता है। इसमें रसीद के आधार पर फसल बेचने से लेकर बैंक से कर्ज लेने तक की सुविधा शामिल है।

वेयरहाउस में फसल रखने के पहले उनका वजन, प्रकार और गुणवत्ता की अच्छी तरह जांच कर ली जाती है। वेयरहाउस से जारी की गई इस रसीद का इस्तेमाल किसान अपनी सहूलियत के हिसाब से कर सकता है। यदि उसे तत्काल पैसों की जरूरत है, लेकिन वह सस्ते दाम पर फसल नहीं बेचना चाहता है तो वेयरहाउस रसीद के एवज में वह बैंक से ऋण ले सकता है। किसान जब लोन बैंक को वापस कर देगा तो उसकी रसीद भी उसे वापस मिल जाएगी। हालांकि इस दौरान किसान अनाज को किसी और को नहीं बेच सकता।

वेयरहाउस रसीद के इस कॉन्सेप्ट से अनाजों के स्टोरेज की परेशानी तो दूर हुई ही, अनाजों को मंडी तक ढोकर ले जाने की समस्या भी दूर हो गई। इससे पहले किसान अपना अनाज मंडी ढोकर ले जाते थे और वहां अनाज न बिक पाने पर उसे फिर वापस घर ले आते थे। बहरहाल, अब किसान मंडी में अनाज नहीं बल्कि वेयरहाउस रसीद ले जा सकते हैं। मंडी में उपज बेचकर रसीद देकर डिलीवरी दे देगा और भुगतान प्राप्त कर लेगा। इन्हें न सिर्फ जमानत के तौर पर बैंकों में रखा जा सकता है, बल्कि इसे खरीदा और बेचा भी जा सकेगा। अब वे उपज को सुरक्षित रखकर रसीद से बैंक लोन ले सकते हैं।

क्या होगा असर योजना से किसानों को व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी। बिना किसी व्यवधान के वित्तीय सुविधा मिल सकेगी। अब भी कृषक समुदाय के कई वर्गो में ऋण सुविधा चिंता का विषय है, लेकिन सरकार के वर्तमान उपाय से निश्चित रूप से किसानों को राहत मिलेगी। उपज सुरक्षित रह सकेगी और उसे बार-बार मंडी भी नहीं ले जाना होगा।

 

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  • Web Title:वेयरहाउस रसीद बनेगी किस्मत की चाभी