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नक्सलियों का बंद कहीं मामूली कहीं बेअसर

कटिहार में पांच बड़े नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद यातना देने के विरोध में नक्सलियों का एक दिवसीय बंद का झारखंड में कहीं मामूली तो कहीं मिलाजुला असर पड़ा। उग्रवादग्रस्त जिलों में डर से वाहन नहीं चले और व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। इस बार की बंदी में जन जीवन सामान्य रहा। डालटनगंज के विश्रमपुर में एक घटना हुई है, जिसका बंद से कोई वास्ता नहीं है।

रांची से डालटनगंज, लोहरदगा, गुमला, गढ़वा को जाने वाली लंबी दूरे के वाहन कम चले। लेकिन इस बार सड़कें वीरान नहीं रहीं। रांची से हजारीबाग और टाटा मार्ग में आम दिनों की तरह आवागमन होता रहा। सीसीएल में उत्पादन कम हुआ और परिवहन ठप रहा। संथालपरगना के किसी भी जिले में बंद का कोई असर नहीं रहा। इस बंद से करीब 200 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। पुलिस प्रवक्ता आइजी आरके मल्लिक ने कहा कि पूरे राज्य में बंद शांतिपूर्ण रहा। कहीं से किसी हिंसक वारदात की सूचना नहीं है।

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