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अध्यादेश को राज्यपाल से मिली मंजूरी

राज्यपाल एमओएच फारुक ने सोमवार को बिल्डिंग बायलॉज संबंधित अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने सोमवार को ही राजभवन भेज दिया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने गजट पब्लिकेशन का आदेश दे दिया है। गजट अधिसूचना की तिथि से यह अध्यादेश 6 महीने के लिए लागू होगा।

राज्य में अनाधिकृत/विचलित भवन निर्माण के तोड़फोड़ को रोकने के लिए सरकार ने अध्यादेश तैयार किया है। कैबिनेट की प्रत्याशा में मुख्यमंत्री स्वीकृति लेकर अध्यादेश को शनिवार को राज्यपाल के भेजा गया था। जिस पर उन्होंने कैबिनेट से स्वीकृति लेकर भेजने का निर्देश दिया था।

शहरी क्षेत्र में किए गए अनाधिकृत/विचलित निर्माण को चक्रवृद्धि शुल्क के माध्यम से नियमितीकरण के लिए झारखंड अध्यादेश-2011 को रविवार को कैबिनेट से मंजूरी दी गई और फिर दुबारा राज्यपाल के पास भेजा गया। विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अध्यादेश को विभाग ने गजट पब्लिकेशन का आदेश दे दिया है। यह पब्लिकेशन की तारीख से 6 महीने के लिए मान्य होगा।

किन्हें मिलेगा लाभ:
-जो निर्माण 1 जनवरी 2011 से पहले किया गया हो।
-नियमितीकरण का लाभ केवल एक बार मिलेगा।
-भूमि का अविवादित स्वामित्व को ही मिल सकेगा लाभ।
-संरचना किसी जनलाभ को प्रभावित नहीं करता हो।
-बड़े-बड़े भवनों को अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, आपात स्थिति में बाहर निकलने की वैकल्पिक   व्यवस्था आदि सुरक्षा मानक 6 महीने के अंदर तैयार करने का निर्देश दिया जा सकता है।
-बड़े भवनों को 6 महीने के अंदर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करना होगा।
-अध्यादेश के प्रावधान वर्तमान में लागू किसी भी कानून से प्रभावित नहीं होगा।
-अध्यादेश के तहत अनाधिकृत निर्माण के नियमितकरण से निर्माण से संबंधित मुकदमों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।

आवेदन की प्रक्रिया
-विहित प्रपत्र में दस्तावेजों के साथ करना होगा आवेदन
-भवन के वास्तविक बनावट के नक्शे चार प्रतियों में जिसमें साइट प्लान/प्लोर प्लान/चारों लाईड के एलिवेशन्स/ड्रेनेज एवं सिवरेज डिस्पोजल प्लान प्रदर्शित रहेंगे और जो वह भवन मालिक व आर्किटेक्ट/इंजीनियर द्वारा हस्ताक्षरित रहेंगे।
-भू-खंड के स्वामित्व संबंधित दस्तावेज की प्रति।
-पूर्व से स्वीकृत नक्शे एवं स्वीकृति अग्रसरण पत्र (यदि हो)।
विहित प्रपत्र में शपथ पत्र जो भू-खंड के शांति पूर्ण दखल से संबंधित हो तथा संरचना उसी स्थल पर किया गया हो।
-बनावट स्थायित्व के संबंध में संरचना अभियंता का प्रमाण पत्र।
-आवेदक द्वारा निर्मित भवन/आवास का दो आयामों से लिया फोटोग्राफ जमा करना आवश्यक होगा, जो संबंधित वास्तुविद् के द्वारा तिथि के साथ अभिप्रमाणित हो।
-आवेदक द्वारा नवीनतम फोटो आवेदन पत्र पर चिपकाते हुए निर्धारित प्रपत्र में शपथ के साथ जमा करना आवश्यक होगा।

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