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ग्रेटर नोएडा जाते समय कई विपक्षी नेता गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में किसान व पुलिस संघर्ष की स्थली बने गांव का जायजा लेने जा रहे कई विपक्षी नेताओं को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार होने वाले नेताओं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह, समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव और जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव शामिल हैं।

राजनाथ सिंह का काफिला जैसे ही सेक्टर-15 स्थित नोएडा द्वार के पास पहुंचा, पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की घोषणा कर दी। शिवपाल यादव और शरद यादव को भी नोएडा द्वार पर रोक दिया गया।

इस मौके पर राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ''भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जिस स्तर का सार्वजनिक आक्रोश देखने को मिला है, उसके अनुसार मुख्यमंत्री मायावती के लिए यह उचित होगा कि वे पद से इस्तीफा दे दें। यदि मैं मुख्यमंत्री होता तो अब तक इस्तीफा दे दिया होता।''

शरद यादव ने कहा कि संकटग्रस्त इलाके का दौरा करने से किसी विपक्षी नेता को रोकने का कोई कारण नहीं है। यादव ने संवाददाताओं से कहा, ''आखिर मैं राजनीति के पेशे में हूं और देश का लोकतंत्र मुझे अधिकार देता है कि देश में किसी भी जगह प्रताडिम्त किए जा रहे लोगों की खोज-खबर लूं। मायावती के निरंकुश तरीके स्वीकार्य नहीं हैं। किसानों के लिए गिरफ्तार होने की मैं परवाह नहीं करता।''

पुलिस की बस में भरे जाते समय शिवपाल यादव ने कहा, ''उन्हें हमें गिरफ्तार करने दीजिए। इससे किसानों के प्रति समाजवादी पार्टी के समर्पण पर कोई असर नहीं पड़ेगा।''

इसके पहले रविवार को किसानों से सहानुभूति जताने भट्टा परसौल गांव जा रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

नोएडा के पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने कहा कि पूरे जिले में कानून की धारा 144 लागू है। इसके तहत लोगों के जमा होने और विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मायावती सरकार की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा, ''यह जमीन किसानों से बंदूक की नोक पर अधिग्रहित की गई है। जो कुछ हुआ है उसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।''

ज्ञात हो कि प्रस्तावित यमुना एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के खिलाफ भट्टा परसौल गांव में विरोधरत किसानों और पुलिस के बीच शनिवार को हुए संघर्ष में दो पुलिसकर्मियों और दो किसानों सहित चार व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।

संघर्ष के दौरान गौतम बुद्ध नगर जिले के जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूर्य नारायण सिंह घायल हो गए थे। विरोध प्रदर्शन शनिवार को उस समय हिंसक रूप धारण कर लिया, जब पुलिस ने उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के तीन कर्मचारियों को किसानों के गिरफ्त से मुक्त कराने की कोशिश की।

पुलिस अधिकारियों ने हिंसा के लिए किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया को जिम्मेदार ठहराते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रविवार को 50,000 रुपये इनाम की घोषणा की।

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