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ऑनर किलिंग मामले में मौत की सजा दी जाए: सुप्रीम कोर्ट

ऑनर किलिंग मामले में मौत की सजा दी जाए: सुप्रीम कोर्ट

झूठी शान के लिए की जाने वाली हत्याओं (ऑनर किलिंग) को बर्बर, सामंती परंपरा वाला और राष्ट्र के लिए कलंक बताते हुए सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने इसे समाप्त करने पर जोर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने अदालतों को निर्देश दिया कि अभियुक्तों को मौत की सजा देने के लिए ऐसे मामलों को दुर्लभतम श्रेणी का माना जाए।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उसकी राय में झूठी शान के लिए की जाने वाली हत्याओं में कारण जो भी हों, ये दुर्लभतम श्रेणी के मामले हैं और इनमें मौत की सजा दी जानी चाहिए। समय आ गया है कि ऐसे बर्बर, सामंती परंपरा को समाप्त किया जाए जो देश के लिए कलंक है।

न्यायमूर्ति मार्कडेंय काटजू और न्यायमर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने एक फैसले में कहा कि अपमानजनक और असभ्य आचरण पर रोक के लिए ऐसा किया जाना अनिवार्य है। पीठ ने कहा कि जो लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि इस अपराध के लिए उन्हें मौत की सजा मिलेगी।

पीठ ने भगवान दास की अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। दास को अपनी बेटी की हत्या के आरोप में दिल्ली की एक सत्र अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनायी थी। दास की बेटी शादीशुदा थी, लेकिन उसके कथित तौर पर रिश्ते के एक भाई से संबंध थे।

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  • Web Title:ऑनर किलिंग मामले में सजा-ए-मौत दी जाए: सुप्रीम कोर्ट