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किसान-पुलिस संघर्ष के गवाह बने गांवों में तनावपूर्ण शांति

पिछले तीन दिन से किसान और पुलिस संघर्ष में तप रहे गौतमबुद्ध नगर के भट्टा, पारसौल और आगरा के चौगान गांवों में इस वक्त तनावपूर्ण शांति है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

इस वक्त नोएडा में मौजूदा प्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल ने टेलीफोन पर बताया कि स्थिति अब बिल्कुल सामान्य है और शनिवार को भट्टा, पारसौल में हुई हिंसक झड़प के मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि पुलिस दल पर हमला करने वाले ग्रामीणों को उकसाने वाले मनवीर सिंह तेवतिया और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए सम्भावित ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं।

राज्य सरकार ने तेवतिया पर 50 हजार रुपए जबकि उसके सहयोगियों प्रेमवीर और नीरज मलिक पर 15-15 हजार एवं गजे सिंह, किरनपाल तथा मनोज पर रविवार को 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा के भट्टा, पारसौल गांव में शनिवार को कथित रूप से जमीन का उचित मूल्य दिलाने की मांग कर रहे किसानों तथा बंधक बनाए गए तीन रोडवेज कर्मियों को मुक्त कराने गए पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के दल के बीच हुए संघर्ष में दो कांस्टेबलों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत कई लोग घायल हो गए थे।

इस बीच, किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में सपा के एक दल को भट्टा, पारसौल गांवों के दौरे पर जाते वक्त रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया गया।

शिवपाल ने ग्रामीणों पर गोलीबारी करने वाले अधिकारियों को जेल भेजने और झड़प में मारे गए किसानों के परिजन को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण रोका जाए और किसानों की मर्जी के बगैर उनकी जमीन नहीं ली जाए।

सपा महासचिव मोहन सिंह ने ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई के बर्बर करार देते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अगुवाई वाली समिति से कराने की मांग की। इसके अलावा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भी भट्टा, पारसौल गांव जाते वक्त रास्ते में रोक दिया गया।

भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर तथा आगरा समेत चार जिलों में काला दिवस मनाने का ऐलान किया है। उधर, भट्टा, पारसौल गांवों के निवासियों का आरोप है कि शनिवार को हुई पुलिस कार्रवाई के बाद से अनेक ग्रामीण लापता हैं।

इस बीच, आगरा के एक गांव में रविवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद वहां के हालात के बारे में पुलिस उपमहानिरीक्षक असीम अरुण ने फोन पर बताया कि एतमादपुर के चौगान गांव में स्थिति बिल्कुल सामान्य है। रविवार को हुई घटना के सिलसिले में निर्माण कम्पनियों ने तीन तथा पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि इस मामले में अब तक 24 लोगों के खिलाफ नाजमद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। इन लोगों के नाम पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में शामिल हैं।

अरुण ने बताया कि कोई और हिंसक घटना नहीं होने देने के लिए एतमादपुर में और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने बताया क्षेत्र में पुलिस के 400 जवानों, दो कम्पनी पीएसी तथा एक कम्पनी रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। रविवार को हुई आगजनी के बाद उस स्थान पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि एतमादपुर तहसील में चौगान गांव में रविवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प में चार पुलिसकर्मी तथा कुछ गांववासी जख्मी हो गए थे। उग्र ग्रामीणों ने पथराव और आगजनी कर वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के साथ कथित रूप से गोलीबारी भी की थी। हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था।

इस बीच, अलीगढ़-मथुरा सीमा पर खंगोली गांव में रविवार को किसानों द्वारा मचाए गए उत्पात के मामले में 15 नामजद लोगों समेत 40 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र वीर सिंह ने बताया रविवार को हुई घटना के सिलसिले में 40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनमें से 15 नामजद हैं। उन्होंने बताया कि खंगोली में हुई घटना मामूली थी। करीब 40 ग्रामीणों ने एकत्र होकर अचानक नारेबाजी शुरू कर दी और टायर जलाए लेकिन पुलिस ने स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया।

सत्येन्द्र वीर सिंह ने दावा किया कि जिले के टप्पल गांव में स्थिति बिल्कुल सामान्य है और यमुना एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य सुचाए रूप से चल रहा है।

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