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...सबसे कठिन 40 मिनटः ओबामा

...सबसे कठिन 40 मिनटः ओबामा

व्हाइट हाउस के भूतल में स्थित सिचुएशन रूम में गत रविवार की दोपहर अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मानते हैं कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खिलाफ पाकिस्तान के ऐबटाबाद स्थित परिसर में चलाए गए अभियान में लगे 40 मिनट उनके जीवन के सबसे कठिन पल थे।

लादेन के खिलाफ अभियान के दौरान तनाव भरे उन पलों में ओबामा और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सहायकों की धड़कन कई बार तेज हुई। राष्ट्रपति ने बिन लादेन की मौत के बाद अपने पहले साक्षात्कार में कहा  कि यह अभियान मेरे जीवन के सबसे लंबे 40 मिनट थे। ऐसी व्याकुलता तब हुई थी जब साशा तीन माह की थी और उसे मस्तिष्क ज्वर हुआ था, बहुत तनावपूर्ण स्थिति थी।

ओबामा ने सीबीएस न्यूज के शो '60 मिनट्स' में कहा कि सिचुएशन रूम में मौजूद हर व्यक्ति तनाव में था और लादेन के खिलाफ अभियान की अवधि बढ़ने से उनकी घबराहट बढ़ती जा रही थी। दुनिया का सर्वाधिक वांछित और कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन (54) दो मई को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमेरिकी बलों के एक सफल अभियान में मारा गया था।

अधिकारियों ने कहा कि विशेष अमेरिकी बलों के अभियान में करीब 40 मिनट का समय लगा और इन 40 मिनटों के आखिरी दौर में लादेन मारा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम स्थिति पर नजर रख रहे थे। हम देख रहे थे कि परिसर के आसपास क्या हो रहा था लेकिन परिसर के अंदर के घटनाक्रम के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

ओबामा ने कहा कि जिस अभियान को मंजूरी दी गई थी वह खतरे से खाली नहीं था क्योंकि ऐबटाबाद में लादेन की मौजूदगी के बारे में उनका कोई भी सहायक या खुफिया अधिकारी 100 फीसदी आश्वस्त नहीं था।

उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि यह महत्वपूर्ण था। यह महत्वपूर्ण इसलिए था क्योंकि हमने अलकायदा के खिलाफ लड़ाई में बहुत खून और धन बहाया है। 2001 से यहां तक कि केन्या स्थित दूतावास में बम विस्फोट के पहले से।

ओबामा ने कहा कि मैंने खुद से कहा कि यदि हमें अच्छा मौका मिला जिसमें हम भले ही अलकायदा को पूरी तरह परास्त नहीं कर पाए, लेकिन उसे बुरी तरह अस्थिर कर दिया तो यह राजनीतिक खतरे और हमारे आदमियों को खतरे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें अभियान के बिल्कुल आखिर में पता चला कि लादेन मारा गया। उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति हेलीकॉप्टर में बैठ कर वापस ठिकाने की ओर नहीं चला गया, तब तक असमंजस बरकरार था। ठिकाने पर पहुंच कर सैनिकों ने कहा कि जेरोनिमो मारा गया।

ओबामा ने कहा कि जेरोनिमो लादेन के लिए एक छद्म नाम था। जाहिर है कि हमारे आदमी अंधेरे में तीर छोड़ रहे थे इसलिए हर कोई सतर्क था। लेकिन सभी को उम्मीद भी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अभियान के बाद राहत की सांस ली और वह चाहते थे कि अमेरिकी सैनिक पाकिस्तान की सीमा से निकल जाएं और सुरक्षित रूप से, ठिकाने पर हेलीकॉप्टर से उतर जाएं। राष्ट्रपति ने कहा कि अपने दल पर उन्हें बहुत गर्व है और उनके काम से वह संतुष्ट हैं।

राष्ट्रपति ने कहा जब सैनिक अपने ठिकाने पर सुरक्षित पहुंच गए तब ही स्पष्ट तौर पर पुष्टि हुई कि वह लादेन था। तस्वीरें ली गई थीं। चेहरे का विश्लेषण किया गया और बिल्कुल साफ हो गया कि वह वही था। हमने अब तक डीएनए परीक्षण नहीं किया था लेकिन अब तक हम 95 फीसदी आश्वस्त हो गए थे।

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