DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिमाचल में जलविद्युत परियोजना का विरोध

हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों के सैकड़ों लोग पिछले तीन दिनों से सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड की प्रस्तावित जल विद्युत परियोजना का विरोध कर रहे हैं। कम्पनी ने रविवार को कहा कि प्रभावित ग्रामीणों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा।

निगम के उप महाप्रबंधक विजय वर्मा ने कहा कि कम्पनी परियोजना से प्रभावित परिवारों को पूर्व परियोजना की रीति के अनुसार उपयुक्त आर्थिक लाभ मुहैया कराएगी। वर्मा ने कहा कि कम्पनी स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए धन उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। कम्पनी ने रामपुर एवं नाथपा-झाकरी जल विद्युत परियोजना में 105 करोड़ रुपये सामाजिक उत्तरदायित्व के तौर पर खर्च किए हैं।

ज्ञात हो कि शिमला के ऊंचाई वाले इलाके लुहरी में 775 मेगावाट की विद्युत परियोजना की स्थापना से शिमला, कुल्लू एवं मंडी जिलों के लगभग 27 गांवों के प्रभावित होने की आशंका है। हजारों ग्रामीण पिछले तीन दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं तथा उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आधिकारियों द्वारा आयोजित जनशिकायतों की सुनवाई का बहिष्कार किया।

परियोजना में निगम की 51 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि शेष खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस जल विद्युत परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:हिमाचल में जलविद्युत परियोजना का विरोध