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अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

बिल्डिंग बायलॉज पर अध्यादेश को रविवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। इसे अब राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। अनुमोदन के बाद अध्यादेश लागू होगा। इसके अलावा अनिवार्य निशुल्क शिक्षा नियमावली-2011 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी। सरकार ने चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नमिता टोपो को दिए गए दंड को समाप्त करने का फैसला लिया।

कैबिनेट बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव आदित्य स्वरूप ने बताया कि नगर विकास शहरी क्षेत्र में किए गए अनाधिकृत/विचलित निर्माण को चक्रवृद्धि शुल्क के माध्यम से नियमितीकरण के लिए झारखंड अध्यादेश-2011 को कैबिनटे ने मंजूरी दे दी है। इसे प्रख्यापित करने के लिए राज्यपाल के पास प्रस्ताव को उनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद यह लागू होगा।

कैबिनेट में झारखंड अनिवार्य निशुल्क शिक्षा नियमावली-2011 को मंजूरी दी गई। इस नियमावली के तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा अनिवार्य होगा। भारत सरकार ने 2009 में अनिवार्य शिक्षा संबंधित एक्ट पारित किया था। 1 अप्रैल 2010 से एक्ट प्रभावी है। इस एक्ट की धारा 38(1) में राज्य सरकार को नियमावली बनाने की स्वीकृति दी गई है।

कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 1 किमी के अंदर में विद्यालय और 6 से 8 कक्षा तक के बच्चाों के 2 किमी क्षेत्र में स्थापित विद्यालयों में प्रवेश अनिवार्य होगा। निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों को छोड़कर सभी विद्यालयों में एक विद्यालय प्रबंध समिति की संरचना की जाएगी, जो विद्यालय के विकास आदि के कार्य को देखेंगे। निजी विद्यालयों को अपने क्षेत्र के स्थानीय गरीब बच्चों को प्रारंभिक कक्षा में 25 फीसदी सीटों पर लेना अनिवार्य होगा।

सरकार इसके बदले निजी विद्यालयों को सरकारी स्कूलों के खर्च के बराबर प्रति बच्चा भुगतान करेगी। डॉ. नमिता टोपो अनगड़ा (रांची) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी थीं, अभी वह बेड़ो में पदस्थापित हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलाई गई थी और तीन वेतन वृद्धि को रोकने का आदेश दिया गया था। डॉ. टोपो ने मामले की फिर से जांच की अपील की थी। अभ्यावेदन में आरोप प्रमाणित नहीं हुआ, लिहाजा कैबिनेट ने डॉ. टोपो के दंड को समाप्त कर दिया।

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  • Web Title:अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी