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ग्रामीण सड़क का काम लटकाने वाले 50 ठेकेदार नपेंगे

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का काम लटकाने वाले ठेकेदार फिर नपेंगे। ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य के सभी डिवीजन को स्कैनिंग करने का निर्देश दिया है। संकेत मिल रहे हैं कि कम-से-कम 50 ठेकेदार फिर नपने वाले हैं। लातेहार डिवीजन ने 14 ठेकेदारों को नोटिस भी जारी कर दिया है।

19 ऐसी सड़कें चिह्नित की गई है, जिसका निर्माण पूरा करने की तिथि खत्म होने के बाद भी योजना लटकी पड़ी है। समय सीमा पार हुए पांच महीने से साल भर होने को हैं, लेकिन योजना फाइनल नहीं हुआ है।  गिरिडीह, चतरा, चाईबासा, पलामू, गढ़वा समेत कई जिलों में छठे, सातवें फेज का काम लटकाने वाले ठेकेदार चिह्नित किए जा रहे हैं।

ठेकेदारों को इतिल्ला किया गया है कि  समय सीमा पूरा होने के बाद भी सड़क नहीं बनी है। इस स्थिति में क्यों नहीं उनका एकरारनामा रद्द करते हुए जमानत की राशि जब्त करने के साथ काली सूची में डालने की अनुशंसा सरकार से की जाए। इसी तरह सरायकेला डिवीजन ने तीन ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिया है। पिछले साल भी काम लटकाने वाले 89 ठेकेदारों को विभाग ने टेंडर से डिबार कर दिया था।

बताते चलें कि 2010-11 में पीएमजीएसवाइ के तहत 3600 किमी ग्रामीण सड़क बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन 1600 किमी ही सड़क का निर्माण कराया जा सका। हालांकि पिछले आठ साल की तुलना में पहली दफा झारखंड में एक वर्ष मे 1600 किमी सड़क बनी। नक्सली खौफ के कारण भी काम प्रभावित हुआ है। नक्सलियों ने 39 सड़कों का काम बंद करा दिया है।

झारखंड में पीएमजीएसवाइ के तहत कुल आठ  फेज की स्वीकृति (2987 करोड़) केंद्र ने दी है। इसके तहत 11442 किमी सड़क का निर्माण कराया जाना है। अभी तक 6100 किमी सड़क का काम पूरा हो सका है। रफ्तार के लिए विभागीय सचिव एसके सत्पथी ने सभी कोशिशें तेज की है। इसी कवायद में फिर से ठेकेदारों पर नकेल कसने की तैयारी की गई है। सचिव के मुताबिक इंजीनियरों की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है।

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