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युवी की पुणे को आखिर पंजाब में मिली जीत

युवी की पुणे को आखिर पंजाब में मिली जीत

युवराज सिंह की पुणे वारियर्स को जिस जीत का लंबे समय से इंतजार था वह रविवार को उसे पंजाब की धरती पर मिल गई। वारियर्स ने गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब को यहां पांच विकेट से शिकस्त दी।

पंजाब द पुत्तर युवराज ने जिस पीसीए स्टेडियम से अपना कैरियर आगे बढ़ाया वह उनके लिए भाग्यशाली रहा। यह अलग बात है कि उनकी टीम को लगातार सात हार और नाकआउट की दौड़ से बाहर होने के बाद जीत मिली है। लेकिन इससे युवराज ने अपनी पिछली टीम किंग्स इलेवन के समीकरण जरूर बिगाड़ दिए हैं।

किंग्स इलेवन मैच में शुरू से ही किसी भी समय रंग में नहीं दिखा और पहले बल्लेबाजी करके वह आठ विकेट पर 119 रन ही बना पाया। पुणे ने 17.1 ओवर में पांच विकेट पर 120 रन का लक्ष्य हासिल किया। पुणे के अब दस मैच में छह अंक हैं और वह आठवें स्थान पर आ गया है। पंजाब नौ मैच में छह अंक के साथ सबसे नीचे पहुंच गया है। उसे यदि नाकआउट में पहुंचना है तो बाकी बचे पांचों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे।

मैच से पहले सभी की जुबान पर सौरव गांगुली की नाम था। यह पूर्व भारतीय कप्तान नहीं खेला लेकिन डगआउट में उनकी मौजूदगी में पुणे ने प्रेरणादायी प्रदर्शन किया। पुणे के लिए जीत की सौगात उसके गेंदबाज लेकर आए।

कलाईयों के नये भारतीय जादूगर राहुल शर्मा, सचिन तेंदुलकर को एक बार शून्य पर आउट करने वाले भुवनेश्वर कुमार, दक्षिण अफ्रीकी वायने पर्नेल और आस्ट्रेलियाई मिशेल मार्श सभी ने दो-दो विकेट लिए। बल्लेबाजी का वक्त आया तो फिर सभी ने अपनी तरफ से योगदान दिया। युवराज ने 15 गेंद पर 35, मनीष पांडे के 28 और रोबिन उथप्पा के 22 रन काफी उपयोगी साबित हुए।

प्रवीण कुमार ने पहला ओवर मेडन किया लेकिन इसके बाद पावरप्ले के बाकी बचे पांच में से चार ओवर में दो-दो चौके जरूर पड़े। इस बीच जिस एक ओवर में गेंद सीमा रेखा पार नहीं गई उसमें पुणे ने सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर (15) का विकेट गंवाया।

पांडे ने हैरिस पर दूसरे ओवर में दो चौके लगाए जबकि प्रवीण के अगले ओवर में यही काम राइडर ने किया। जब शलभ श्रीवास्तव आये तो उनकी गेंद भी दो बार सीमा रेखा के पार पहुंची। लेकिन बायें हाथ के स्पिनर भार्गव भट पर सही टाइमिंग से शाट नहीं जमाने के कारण राइडर लांग आन पर लपक लिए गए।

नये बल्लेबाज उथप्पा ने आते ही शलभ पर दो चौके लगाये जिससे पुणे की टीम पावरप्ले में 40 रन जुटाने में सफल रही। उथप्पा हालांकि हैरिस के बाउंसर को सीमा से पार भेजने में नाकाम रहे और शलभ ने दौड़ लगाकर लिए गए खूबसूरत कैच से उनकी पारी का अंत कर दिया। पांडे जल्दबाजी में नहीं थे लेकिन प्रवीण की गेंद पर वह पुल करने से चूक गए और बोल्ड हो गए।

युवराज ने फिर भट को निशाना बनाया और पारी के 15वें ओवर में इस गेंदबाज पर मिडविकेट पर दो छक्के जड़ने के अलावा दो चौके भी लगाए। शलभ ने इसके बाद युवराज और अभिषेक झुनझुनवाला को आउट किया लेकिन इससे वह केवल अपना गेंदबाजी विश्लेषण ही सुधार पाए। टीम के लिहाज से तब बहुत देर हो चुकी थी।

इससे पहले, लगातार हार से आहत पुणे वारियर्स के गेंदबाजों ने रविवार को प्रेरणादायी प्रदर्शन करके किंग्स इलेवन पंजाब को इंडियन प्रीमियर लीग मैच में आठ विकेट पर 119 रन ही बनाने दिए।

किंग्स इलेवन के बल्लेबाजों ने गैरजिम्मेदाराना शाट लगाकर विकेट गंवाए लेकिन इससे पुणे वारियर्स के गेंदबाजों की अनुशासित प्रदर्शन को कम करके नहीं आंका जा सकता। कलाईयों के नए भारतीय जादूगर राहुल शर्मा, सचिन तेंदुलकर को एक बार शून्य पर आउट करके चर्चा में आने वाले भुवनेश्वर कुमार, दक्षिण अफ्रीकी वायने पर्नेल और आस्ट्रेलियाई मिशेल मार्श सभी ने अपनी तरफ से योगदान दिया और दो-दो विकेट लिए।

किंग्स इलेवन की तरफ से केवल तीन बल्लेबाज शान मार्श (32), दिनेश कार्तिक (30) और पाल वलथाटी (23) ही दोहरे अंक में पहुंच पाए। उसने अपने अंतिम छह विकेट 39 रन के अंदर गंवाए। मैच के शुरू में भारतीय टीम में जगह बनाने के दावेदारों के रूप में उभरे दो युवा खिलाड़ियों वलथाटी और राहुल की कलात्मकता देखने को मिली। वलथाटी ने भुवनेश्वर कुमार पर एक्स्ट्रा कवर पर चौका जड़कर अपना खाता खोला और फिर श्रीकांत वाघ के अगले ओवर में तीन खूबसूरत चौके जमाए। उन्होंने इन तीनों अवसरों पर कवर से ही गेंद सीमा रेखा पार भेजी।

इसके बाद जब अपनी कलाईयों और उंगली के जादू से सचिन तेंदुलकर को भी मुरीद बनाने वाले राहुल गेंदबाजी के लिए आए तो उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट (3) को आउट करके पीसीए स्टेडियम में मौजूद युवराज सिंह के प्रशंसकों में जान भर दी। किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान की खराब फार्म जारी रही। उन्होंने राहुल की गेंद सीमा रेखा पार भेजने के प्रयास में मिडविकेट पर आसान कैच थमाया।

युवराज ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए। उन्होंने जब सातवां ओवर करने के लिए स्वयं गेंद थामी तो शान मार्श ने लांग आन पर छक्का जड़ दिया। ऐसे में युवराज को अपने करिश्माई गेंदबाज राहुल की याद आई और इस लेग स्पिनर ने आते ही वलथाटी की पारी का भी अंत कर दिया।

दर्शकों को मार्श बनाम मार्श का मुकाबला भी देखने को मिला। शान ने छोटे भाई मिशेल पर जब मिडविकेट पर चौका जड़ा तो कैमरे की नजर उनके पिता और पुणे वारियर्स के कोच ज्यौफ मार्श पर लगी थी। दोनों भाईयों की यह जंग आगे चल पाती इससे पहले ही भुवनेश्वर ने शान को धीमी गेंद पर बोल्ड कर दिया। उन्होंने 28 गेंद खेली तथा तीन चौके और एक छक्का लगाया।

इस आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय गेंदबाज भुवनेश्वर ने नए बल्लेबाज डेविड हस्सी को भी अधिक देर तक नहीं टिकने दिया और उन्हें शार्ट पिच गेंद पर विकेट के पीछे कैच कराया। मिशेल अपने भाई का विकेट तो नहीं ले पाए लेकिन उन्होंने दिनेश कार्तिक को जरूर सीमा रेखा पर अभिषेक झुनझुनवाला के हाथों लपकवाया।

पुछल्ले बल्लेबाज भी विकेटों का पतझड़ थामने में नाकाम रहे। युवराज ने दूसरे प्रयास में मनदीप सिंह का हवा में लहराता कैच लपका। मार्श ने हमवतन रेयान हैरिस (4) और पर्नेल ने सिद्धार्थ चिटणिस (9) को आउट करके स्टैंड पर मौजूद किंग्स इलेवन की सह मालकिन प्रीति जिंटा की मायूसी में इजाफा किया।

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