DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोतिहारी जिले के त्रिवेणी नहर व घोड़ासहन नहर बांध की मरम्मत में घपला करने वाले दो इंजीनियरों को दस वर्षो के कारावास व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा मुजफफरपुर स्थित निगरानी कोर्ट ने शनिवार को सुनाई।

मामला डेढ़ करोड़ रुपये के गोलमाल का है। सहायक अभियंता दिग्विजय सिंह व जूनियर इंजीनियर पारसनाथ शर्मा पर 1987 में तत्कालीन ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री राजेन्द्र प्रसाद यादव की ओर से निगरानी थाना (पटना) में प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी। तब से इस मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।

इससे पूर्व इस मामले की विभागीय जांच में दोनों अभियंताओं को क्लीन चिट दे दी गयी थी। सजा पाने वाले सहायक अभियंता दिग्विजय सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रक्सर गांव निवासी हैं, वहीं पारसनाथ शर्मा रोहतास स्थित आरण गांव के निवासी हैं। सुनवाई के दौरान नौ लोगों की गवाही ली गयी।

उत्तर बिहार विशेष निगरानी न्यायालय के न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह ने जब सजा मुकर्रर की तो दोषी दोनों अभियंताओं के चेहरे स्याह पड़ गये। कोर्ट से बाहर आते ही दोनों ने रुमाल से चेहरे को ढक लिया। हाजत जाने के लिए वे जल्दी कोर्ट से निकल नहीं रहे थे। कोर्ट आदेश की कॉपी लेने के लिए बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने लंबी बहस भी की, लेकिन उन्हें उसकी प्रति अगले दिन देने की बात बताकर चुप कराया गया।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दो इंजीनियरों को दस वर्ष के कारावास