DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जरा भी काला धन नहीं है मेरे पास: बालाकृष्णन

जरा भी काला धन नहीं है मेरे पास: बालाकृष्णन

भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने इन आरोपों को निराधार बताया है कि उनके और उनके रिश्तेदारों के पास काला धन है। उन्होंने कहा कि उनके पास अवैध तरीके से जुटाया गया एक भी पैसा नहीं है।

बालाकृष्णन के तीन रिश्तेदारों के पास काला धन होने के आयकर विभाग के महानिदेशक (जांच) ईटी लुकोसे के हाल के बयान के बारे में पूछे जाने पर पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उनके रिश्तेदारों के खिलाफ यह गंभीर आरोप है जो आधारहीन है।

आयकर के शीर्ष अधिकारी के बारे में पहली बार टिप्पणी करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उनका बयान गलत है। उन्होंने कहा कि न तो मेरे पास और न ही मेरे रिश्तेदारों के पास एक भी पैसा काला धन है। उन्होंने कहा कि मेरे पास काला धन नहीं है। मेरे या मेरे रिश्तेदारों के पास से भी काला धन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि 2005 से 2010 के बीच आयकर रिटर्न का खुलासा करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

लुकोसे ने 26 फरवरी को संवाददाताओं से कहा था कि जहां तक बालाकृष्णन की बात है, मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन जहां तक उनके रिश्तेदारों दो दामाद और भाई की बात है तो उनके पास काले धन का पता चला है।

लुकोसे ने कहा था कि बालाकृष्णन के दो दामाद पीवी श्रीनिजन और एमजे बेनी तथा भाई केजी भास्करन के पास काला धन पाया गया है। उनके दोनों दामाद वकील हैं जबकि भाई केरल उच्च न्यायालय में विशेष सरकारी वकील थे। उन्होंने कहा कि जांच जारी है कि उन लोगों ने किस तरह धन प्राप्त किया था।

यह पूछने पर कि जो लोग उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगा रहे हैं, उनके खिलाफ क्या वह कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं, बालाकृष्णन ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदालत का दरवाजा खटखटाने में कोई कानूनी बाधा नहीं है लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश के तौर पर वह कोई कदम उठाने के इच्छुक नहीं हैं।

भारत के पहले दलित प्रधान न्यायाधीश बालाकृष्णन ने यह भी कहा कि वह जातिवादी कार्ड नहीं खेलना चाहते। काला धन होने का आरोप लगने के बाद भास्करन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर विशेष सरकारी वकील के पद से इस्तीफा दे दिया था।

कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके श्रीनिजान ने आरोपों के बाद युवा कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। वह सतर्कता जांच का भी सामना कर रहे हैं। मीडिया की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि बालाकृष्णन जब भारत के प्रधान न्यायाधीश थे तो भास्करन, श्रीनिजान और बेनी ने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति इकट्ठा की थी। इसके बाद वकील संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों से मानवाधिकार आयोग के प्रमुख पद से उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जरा भी काला धन नहीं है मेरे पास: बालाकृष्णन