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ऑनलाइन परीक्षा पर विचार कर रही है CBSE

ऑनलाइन परीक्षा पर विचार कर रही है CBSE

प्रतिष्ठित अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) का पर्चा लीक होने को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इसे ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर विचार कर रहा है।

सीबीएसई के अध्यक्ष विनीत जोशी ने कहा कि बोर्ड विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है जिससे एआईईईई जैसी परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित की जा सके। इसमें आनलाइन परीक्षा की तरफ धीरे-धीरे पूरी तरह से बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बोर्ड अलग-अलग तरह की प्रतियोगिता परीक्षाओं का आयोजन करता है। एआईईईई परीक्षा का आयोजन साल 2000 से इसी तर्ज पर होता आया है। सुरक्षित ढंग से परीक्षा आयोजित करने में पहले कभी कोई समस्या नहीं आई।

उन्होंने कहा कि बोर्ड ने इस बार भी देश के 20 केंद्रों पर ऑनलाइन माध्यम से एआईईईई परीक्षा का आयोजन किया था और इसमें कोई समस्या नहीं उत्पन्न हुई। यह एक समाधान हो सकता है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में एआईईईई का पर्चा लीक होने और छह-छह लाख रुपए में कथित तौर पर बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने पर सीबीएसई ने एक मई को आयोजित परीक्षा साढ़े नौ बजे के स्थान पर 12 बजे कर दी थी। और प्रश्नपत्र के दूसरे सेट से परीक्षा ली गई।

अगले वर्ष से पूरे देश में साझा चिकित्सा परीक्षा आयोजित करने के भारतीय चिकित्सा परिषद  (एमसीआई) के निर्णय के बीच सीबीएसई 2012 से अखिल भारतीय चिकित्सा परीक्षा (एआईपीएमटी) आयोजित करने के बारे में एमसीआई के प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई की ओर से एआईपीएमटी परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह पूछे जाने पर कि क्या सीबीएसई अगले वर्ष से अखिल एआईपीएमटी आयोजित नहीं करेगी, जोशी ने कहा, इस विषय पर एमसीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निर्णय किया है। एआईपीएमटी के बारे में हम परिषद के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

जोशी ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के बाद एमसीआई के संबंध में साझा प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने के बारे में अधिसूचना जारी की गई है। इस निर्णय के आलोक में सीबीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली एआईपीएमटी परीक्षा के बारे में परिषद को स्थिति स्पष्ट करनी है। हम उनकी पहल का इंतजार कर रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या 11वीं-12वीं कक्षा में भी ग्रेडिंग प्रणाली अपनाए जाने की योजना है, उन्होंने कहा कि पहली से 10वीं कक्षा तक ग्रेडिंग लागू की गई है लेकिन 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए अभी ऐसी कोई योजना नहीं है।

स्कूलों में सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीई) से जुड़ी समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि स्कूलों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के संदर्भ में छात्रों और शिक्षकों की कई प्रकार की उलझने सामने आई हैं। इस संबंध में विभिन्न विषयों पर गौर करने के बाद शिक्षकों से फार्मेटिव मूल्यांकन को एक अवसर के तौर पर देखने और सत्र में कम से कम दो बार अभिभावकों के साथ बैठक करने और छात्रों के विचारों को भी समाहित करने का सुझाव दिया गया है। इसके जरिये प्रत्येक छात्र के कमजोर और मजबूत पक्षों के बारे में चर्चा करने और पठन पाठन के संबंध में खाई को पाटने की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी।

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