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40 से ज्यादा 'बालिका बधू' बनने से रोकी

40 से ज्यादा 'बालिका बधू' बनने से रोकी

मध्यप्रदेश में अक्षय तृतीया पर राज्य सरकार ने कार्य योजना बनाकर बाल विवाह की रोकथाम के लिए अभियान चलाया था जिसे भारी सफलता मिली है।

राज्य शासन की सक्रियता के फलस्वरूप 18 जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लगभग 40 से अधिक बाल विवाह रोके गए हैं। एक मामला कोर्ट में भी प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा बाल विवाह रोकथाम के लिए जन जागरुकता एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियों का भी व्यापक असर दिखाई दिया।

महिला एवं बाल विकास विभाग को शनिवार शाम तक जिन जिलों से बाल विवाह रोकने की जानकारी प्राप्त हुई है उनमे रतलाम में 8 नीमच में 7 बैतूल में 4 जबलपुर में 3 बालाघाट, देवास होशंगाबाद, सविनी, सीधी उज्जैन में 22 छतरपुर छिन्दवाडा मण्डला मुरैना, सागर, सिंगरौली में एक-एक शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि अक्षय तृतीया, अखा तीज के मौके पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रंजना बघेल ने जनप्रतिनिधियों सामाजिक कार्यकर्ताओं स्वैच्छिक संगठनों, जागरुक नागरिकों आदि से बाल विवाह रोकने हेतु अनुरोध किया गया था।

विभाग की कार्य योजना के अनुसार जिलों में प्रत्येक स्तर पर 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं की सूची तैयार कर मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सरपंच एवं पुलिस को सौंपी गई थी। छोटी बालिकाओं के परिवार को विशेष परार्मश भी दिया गया था।

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