DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट मिलेगा

उत्तराखंड में आठ-नौ महीने बाद विधानसभा चुनाव तय हैं। राज्य में चुनावी बिगुल बज चुका है। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री निशंक खुद हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। सत्ता में वापसी को भाजपा कितनी तैयार है? जीत का आधार क्या बनेगा? खासकर तब, जब सरकार को एंटी इनकंबेंसी फैक्टर से निपटना होगा। विपक्ष के ढेर सारे आरोपों से कैसे निपटेगी भाजपा और उसकी सरकार? इस तरह के सवालों को लेकर विशेष संवाददाता अविकल थपलियाल ने मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से बातचीत की :

विधानसभा चुनाव की क्या तैयारी है?
हमारी तैयारी पूरी है। जनता का हमारी सरकार में भरोसा बढ़ा है। अंत्योदय विकास यात्रा के जरिये मैं 34 विधानसभा क्षेत्रों में जा चुका हूं। मैं वहां भाषण नहीं दे रहा हूं। जनता की समस्याएं सुन रहा हूं। मौके पर ही उनका निस्तारण भी हो रहा है। लापरवाह अधिकारियों को दंडित कर रहा हूं। जनता सीधे मुख्यमंत्री से सवाल-जवाब कर रही है। इस अभियान के तहत मैं लगभग सवा तीन लाख लोगों से सीधे संवाद स्थापित कर चुका हूं। सभी 70 विधानसभा के सात लाख लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने का लक्ष्य है। विकास यात्रा में उमड़ रही भीड़ से कांग्रेस की नींद उड़ गई है। मेरी विकास यात्रा में 10-15 हजार तक लोग जुट रहे हैं, जबकि कांग्रेस के पांचों सांसदों व अन्य नेताओं की मौजूदगी के बावजूद 5-6 हजार लोग ही जुट पा रहे हैं। 2012 में भाजपा की हर हाल में सत्ता में वापसी होगी।

सत्ता में वापसी के क्या आधार हैं?
लोकसभा चुनाव की हार के बाद कार्यकर्ता मायूस था। लेकिन सभी की कड़ी मेहनत के बाद अब आम कार्यकर्ता जोश से भरा हुआ है। कार्यकर्ताओं का जज्बा हमारी वापसी का मुख्य आधार बनेगा। इसके अलावा जनहितकारी नीतियां, 108 सेवा, गांवों में प्रवास, अटल खाद्यान्न योजना, रोजगार व स्वरोजगार हमारी मुख्य उपलब्धि रही हैं। मैं लाखों लोगों को नाम से जानता हूं। मुस्लिमों व अनुसूचित जाति के लोगों का भाजपा के प्रति रुझान बढ़ा है।

लेकिन आज भी आंदोलित कर्मचारी सड़कों पर उतरे हुए हैं?
उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां कर्मचारियों को छठे वेतन का लाभ दिया गया। विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारियों की वेतन-भत्ते सहित अन्य मांगें हम प्राथमिकता के आधार पर पूरी कर रहे हैं। आंदोलन व धरना-प्रदर्शन से राज्य के विकास को धक्का लगता है। कर्मचारियों को यह भी समझना चाहिए। आंदोलित कर्मचारी वार्ता करें। सरकार सहयोग करने को तैयार है।

मंत्रियों और विधायकों की परफॉर्मेस से कितने संतुष्ट हैं?
पूरी तरह तो संतुष्ट नहीं हूं। रेगुलर रिपोर्ट कार्ड बनाकर कमियां दूर करने की कोशिश की जा रही हैं। इसके बावजूद मंत्री-विधायकों ने परफॉर्मेस नहीं सुधारी, तो संगठन टिकट पर पुनर्विचार के लिए बाध्य होगा। नए चेहरों को चुनावी अखाड़े में उतारेंगे। भाजपा जिताऊ प्रत्याशी पर ही दांव लगाएगी। हो सका, तो गुजरात में नरेंद्र मोदी के सफल फॉर्मूले को उत्तराखंड में लागू करने से पार्टी गुरेज नहीं करेगी।

कांग्रेस ने आपकी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं?
भाजपा पारदर्शिता और ईमानदारी में विश्वास रखती है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। और न ही जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाई है। केंद्र से लेकर प्रदेश में कांग्रेस के घोटाले किसी से छिपे नहीं हैं। भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब जनता देगी। जनता ही कांग्रेस के इस नाटक को फेल करेगी। केंद्र सरकार लगातार उत्तराखंड के साथ अन्याय कर रही है। मैं देश का पहला ऐसा मुख्यमंत्री हूं, जिसे दर्जनों बार प्रधानमंत्री व केंद्रीय मंत्रियों से मिलने दिल्ली जाना पड़ा। बार-बार दिल्ली जाने का मुझे कोई शौक नहीं है। कांग्रेस के पांचों सांसदों व अन्य नेताओं को सत्याग्रह यात्रा के बजाय दिल्ली की दौड़ लगानी चाहिए। और जहां तक केंद्र पोषित योजनाओं का सवाल है, तो जितना कांग्रेस ने अपने पांच साल में खर्च किया, उतना तो भाजपा ने दो साल में ही खर्च कर दिया।

सरकार भ्रष्ट व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है?
पूर्व ऊर्जा सलाहकार योगेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी से साफ है कि भाजपा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कितनी मुस्तैदी से डटी है। स्टर्डिया मामले में कांडपाल आयोग अपना काम कर रहा है। पुलिस भर्ती के घोटालेबाज अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। कांग्रेस के घोटालों की जांच प्रक्रिया भी गतिमान है। विकास यात्रा में भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो रही है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार की घोषणाएं महज हवा-हवाई हैं?
भाजपा 90 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा कर चुकी है। हम कांग्रेस की तरह घोषणाओं का पहाड़ खड़ा नहीं कर रहे हैं।

भाजपा में जारी कलह से सत्ता में वापसी का सपना कैसे पूरा होगा?
कहीं कोई कलह नहीं है। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। केंद्रीय नेताओं का लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है। कलह के माहौल में हम विकासनगर व टिहरी उपचुनाव कैसे जीतते? हरिद्वार पंचायत चुनाव में हमारा वोट बैंक पहले से अधिक बढ़ा। भाजपा संगठन के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, कोश्यारी व अन्य बड़े नेता सतत विकास कार्यो को गति देते हुए जनसंपर्क में जुटे हैं। जनता कांग्रेस के इस षड्यंत्र को विधानसभा चुनाव में फेल कर देगी। कलह तो कांग्रेस में है।

पार्टी विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ेगी? 
इस चुनाव का नेतृत्व जनता करेगी। जहां तक भाजपा का सवाल है, तो हमारी पार्टी अटल-आडवाणी व गडकरी के नेतृत्व में विश्वास रखती है। कांग्रेस की तरह भाजपा व्यक्तिवाद में विश्वास नहीं रखती। आखिर लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट मिलेगा