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जिंदगी में सच का सामना करने जैसा कुछ भी नहीं

जिंदगी में सच का सामना करने जैसा कुछ भी नहीं

सच का सामना जैसे शो से सनसनी मचाने वाली राजीव खंडेलवाल अब इसके दूसरे भाग में भी दिखाई देंगे। इसके अलावा वह फिल्म 'साउंडट्रैक', 'शैतान' और 'पीटर गया काम से' में भी हैं। पेश है उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश।

हाल ही में आपकी शादी हुई है, शादी के बाद जीवन में क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं?
मंजरी के रूप में मुझे एक ऐसा जीवन साथी मिला है जिसके साथ जिंदगी बहुत आसान हो गई है। अब सब कुछ शेयर हो रहा है और ऐसा करना मुझे अब अच्छा लगता है।

आपकी शादी से आपकी कई फैन्स के दिल टूट गए होंगे?
मुझे नहीं लगता, क्योंकि इसका संबंध मेरी व्यक्तिगत जिंदगी से है। मेरे फैन्स का मेरे काम के साथ दिल का रिश्ता है, मेरे साथ नहीं। मेरे फैन्स मुझे खुश देखना चाहते हैं और मैं कहना चाहूंगा कि उनके प्यार की वजह से ही मैं बहुत खुश हूं।

साउंड ट्रैक के बारे में कुछ बताइए?
इस फिल्म में मेरा किरदार एक डीजे का है। उसकी ख्वाहिश एक संगीतकार बनने की है। डीजे से संगीतकार बनने तक के इस सफर को ही फिल्म में दिखाया गया है।

डीजे के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारियां कीं?
मैं संगीत सुनता हूं पर संगीत की मुझे बहुत अच्छी जानकारी नहीं है। इसलिए मैंने 15 दिन का डीजे क्रैश कोर्स किया। उसके बाद एक वर्कशॉप भी अटेंड की।

इतने सारे प्रयोग, आपको रिस्क नहीं लगता?
मैं वही किरदार निभाता हूं जिसे सुनने या देखने के बाद मैं नर्वस होने लगता हूं और मुझे ऐसा लगता है कि यह किरदार मैं नहीं निभा पाऊंगा। मुझे दूसरों का तो नहीं पता, पर जो किरदार मुझे पसंद आते हैं मैं वही निभाता हूं। पर ज्यादातर कलाकार अपने किरदार दोहराते रहते हैं।

मेरा मानना है कि सेफ खेलना ज्यादा रिस्की है, क्योंकि कलाकार एक ही किरदार में बंधकर रह जाता है और उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता। साथ ही उसके दर्शक या फैन्स भी उसे एक ही किरदार में देख-देख कर बोर हो जाते हैं।

तो क्या आप अपने करियर से संतुष्ट हैं?
जी हां, मैं अपने करियर से बहुत खुश और संतुष्ट हूं। बहुत अच्छा लगता है जब रास्ते में चलते हुए लोग मुझे देखकर मुस्कराते हैं, अपना प्यार और अपनी शुभकामनाएं देते हैं।

सच का सामना- पार्ट 2 में आप वापस दिखेंगे?
यह धारावाहिक जब मुझे ऑफर किया गया था तो उसका कंसेप्ट मुझे बहुत यूनीक लगा इसलिए मैंने किया भी।  पहला पार्ट बहुत छोटा सा ही चल पाया। लेकिन दूसरा भी बहुत अच्छा होगा, इसीलिए मैं इसे कर रहा हूं।

दूसरों का सच जानने वाले राजीव का सच क्या है?
मेरा सच यह है कि मैं एक आम आदमी हूं जो औरों की तरह अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए काम करता है। एक मध्यम वर्गीय परिवार की तरह मैं सोचता हूं और मैं अपनी जिंदगी से खुश हूं।

सुना है आप निजी सवालों से हमेशा बचते हैं इसकी क्या वजह है?
मेरी पर्सनल लाइफ मेरी अपनी है, बिल्कुल अपनी। लोग मेरे काम की बात करें, तो मुझे खुशी होती है, लेकिन मैं कहां रहता हूं, किससे मिलता हूं, क्या खाता हूं, यह मेरी निजी जिंदगी का हिस्सा है, जिसमें बताने जैसा कुछ भी नहीं है। 

मतलब आप अपने ही सच का सामना नहीं करना चाहते?
मुझमें ना तो इतनी हिम्मत है और ना ही मेरे जीवन का ऐसा कोई सच है। वैसे भी यह हर किसी की व्यक्तिगत इच्छा होती है कि वह अपने जीवन के बारे में लोगों से बात करें या नहीं। फोन पर या कैमरे पर आप किसी से जबर्दस्ती उसके जीवन के बारे में नहीं पूछ सकते।

आपने अपना करियर डेली सोप से शुरू किया था। अब वापस छोटे परदे की तरफ रुख करेंगे?
मैंने एक बार डेली सोप कर लिया है। और अब मेरी वापस टीवी पर जाने की इच्छा नहीं है। मुझे लगता है कि मैं डेली सोप कर सकता हूं। जो काम कर लिया, वो लौट-लौट कर क्या करना.। अब मैं वो काम करना चाहता हूं जो अब तक नहीं किया। वैसे मैं जानता हूं कि डेली सोप में बहुत मेहनत होती है और उसे करने वाले बहुत मुश्किल से करते हैं।                         

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