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कलंक के खिलाफः हत्यारे विधायक को उम्रकैद

ठेकेदार के अधूरे बिल पास न करने वाले औरैया के इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता की हत्या व हत्या की साजिश रचने के आरोप में विशेष अदालत ने शुक्रवार को बसपा विधायक शेखर तिवारी, उनके दो अंगरक्षकों पाल सिंह और गजराज सिंह, तत्कालीन थानाध्यक्ष दिबियापुर होशियार सिंह सहित उनके छह अन्य सहयोगियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने सभी आरोपितों को अन्य आरोपों में कुल 20-20 वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर 68-68 हजार रुपए जुर्माना भी ठोका है। विशेष अदालत ने शेखर तिवारी की पत्नी विभा तिवारी को हत्या व हत्या की साजिश के आरोप से बरी कर दिया।

किन्तु घर में घुसने, मृतक को अवैध अभिरक्षा में रखने व लाश छुपाने में सहयोग करने के आरोप में क्रमश: ढाई वर्ष, ढाई वर्ष व छह माह के कारावास सहित साढ़े चार हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने विभा की अपील पर उन्हें 15 दिन के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।

अदालत ने फैसले में यह भी कहा है कि जुर्माने से वसूली गई कुल रकम का आधा हिस्सा मृतक की पत्नी शशि गुप्ता को अदा किया जाए। विशेष जज  ने दो अलग-अलग  क्रमश: 513 और 227 पेज के निर्णयों में कहा है कि शेखर तिवारी ने जनप्रतिनिधि होने के बावजूद अवैध वसूली व ठेकेदार आरके वाजपेई के बिल पास कराने के लिए अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता की हत्या व हत्या की साजिश का अपराध किया है।

(दिल्ली संस्करण)

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