DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

होंगे धमाके, 40 दिन रहें सतर्क

इराकी बमों, लांचरों व विस्फोटकों से फरीदाबाद की सीमा से लगते यमुना क्षेत्र, नोएडा व साउथ दिल्ली के इलाके चालीस दिनों तक दहलेंगे। इसे लेकर शुक्रवार को सेना ने मॉकड्रिल किया और सुरक्षा की दृष्टि से इलाके में पैरामिलिटरी की एक टुकड़ी तैनात कर दर गई है।
दरअसल, इन चालीस दिनों तक भारतीय वायुसेना का फरीदाबाद के तिलपत रेंज में कचरे के साथ भारत आए क्षराकी विस्फोटकों को निष्क्रिय करने का प्रोग्राम है। इस दौरान करीब 1500 खतरनाक इराकी बम, मिसाइल और लांचर आदि निष्क्रिय किए जाएंगे। इसके लिए रेंज में अस्थाई बैरक तैयार किए जा रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए आसपास के इलाकों में मुनादी और पॉम्प्लेट बांटे गए हैं व रेंज की तरफ न आने के लिए सावधान किया गया है।
गौरतलब है कि करीब पांच वर्ष पहले दिल्ली की एक निजी कंपनी ने खाड़ी देश इराक से कई कंटेनर स्क्रैप मंगवाए थे। उसमें गलती से विस्फोटक व खतरनाक बम भी आ गए थे। इसका पता तब चला जब स्क्रैप को गाजियाबाद की एक कंपनी में बॉयलर के जरिये गलाते समय भीषण विस्फोट हो गया। इसमें करीब एक दजर्न लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। जबकि दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उपायुक्त प्रवीन कुमार ने बताया कि इसके बाद जांच में स्क्रैप में करीब 1500 बम पाए गए। जिसे दिल्ली पुलिस व सेना ने संयुक्त रूप से अपने कब्जे में तुगलकाबाद एयर फोर्स स्टेशन में रख छोड़ा है।
 दिल्ली हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद इन बमों को तत्काल निष्क्रिय करने के आदेश दिए गए। उन्ही विस्फोटकों को फरीदाबाद, नोएडा व दिल्ली की सीमा को जोड़ने वाले 4700 एकड़ में फैले तिलपत सूटिंग रेंज में निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया है। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में है इसलिए10 मई से 20 जून के बीच इसे निष्क्रिय करने का कार्यक्रम बनाया गया है। सावधानी पूर्वक बमों को विशेष गाड़ियों से सड़क मार्ग द्वारा तुगलकाबाद से तिलपत रेंज लाया जाएगा ।
----------------
हुई मॉकड्रिल
बम निष्क्रिय कार्यकम को लेकर शुक्रवार को पहली दफा मॉकड्रिल की गई। स्थानीय पुलिस, सेना व सीआरपीएफ की टीम ने तुगलकाबाद से लेकर तिलपत रेंज तक सड़क मार्ग पर रिहर्सल किया। इस दौरान सेना की बम विस्फोटकरहित गाड़ी को तुगलकाबाद एयरफोर्स स्टेशन से चलाया गया। सराय ख्वाजा के एसीपी दर्शन लाल मलिक की अगुआई में पुलिस की एक टीम ने सुबह छह बजे उस गाड़ी को सराय ख्वाजा टोल ब्रिज के पास से सुरक्षा घेरे में ले लिया। इस दौरान  सभी चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए थे। स्थानीय पुलिस की एक जिप्सी उस गाड़ी के आगे-आगे चल रही थी। ताकि रास्ता बिल्कुल खाली मिले। करीब आधे घंटे के सफर के बाद उस गाड़ी को खेड़ी पुल से होते हुए तिलपत रेंज तक पहुंचाया गया। एसीपी मलिक ने बताया कि बम लेकर आते समय की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह रिहर्सल किया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर ट्रैफिक व्यवस्था में फेरबदल करने की बात सामने आई है। जिसे ठीक कर लिया जाएगा।
----------------
सेना व सीआरपीएफ ने डाला डेरा
बम निष्क्रय कार्यक्रम को लेकर सेना की बम डिस्पोजल टीम व सीआरपीएफ की एक कंपनी ने डेरा डाल दिया है। बम डिस्पोजल टीम को तिलपत सूटिंग रेंज में अस्थाई टेंट लगाकर ठहराया गया है। जबकि बाहरी सूरक्षा का जिम्मा देखने के लिए बुलाई गई सीआरपीएफ की एक कंपनी को सेक्टर-12 स्थित खेलपरिसर में ठहराया गया है। उधर एयर फोर्स ने तिलपत रेंज के दफ्तर के पास सेना के अधिकारियों व बम डिस्पोजल टीम के लिए अस्थाई दफ्तर बनाना शुरू कर दिया है। जिसे आने वाले दो से तीन दिनों में तैयार कर लिया जाएगा।
--------------------------
कैसे होगा बम डिस्पोजल?
- बम डिस्पोज करने के लिए रेंज के बीचो बीच दो बड़े गड्ढे खोदे गए हैं
- इन गड़्ढो में दो हिस्सों में बम रखे जाएंगे
- इन गड्ढो के आस पास पांच सब प्वाइंट तैयार किये गए हैं
- इन पांचों प्वाइंट के सहारे रोजाना तीस से चालिस बमों को सेना की टीम निष्क्रिय करेगी।
---------------------
जंगली जानवरों के लिए पटाखों का सहारा
4700 एकड़ में फैले तिलपत रेंज जंगल में नीलगाय सहित लोमड़ी, खरगोस, भेड़िया, कुत्ते, काले हिरन व अन्य कई प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं। बम डिस्पोजल के दौरान इन्हें कोई दिक्कत न हो। इसके लिए उन्हें पहले से ही वहां से भगाने के इंतजाम किये गए हैं। डीसी प्रवीण कुमार ने बताया कि पटाखे छुटाकर पहले इन जानवरों को वहां से भगा दिया जाएगा। ताकि गलती से भी इन्हें नुकसान न हो। इसके अलावा आसपास के इलाकों में मुनादी सहित पॉम्प्लेट की मदद से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि बम डिस्पोजल के दौरान कोई भी जंगल की आए जाए न।
----------------------
प्रवीण कुमार, उपायुक्त फरीदाबाद: सेना व स्थानीय प्रशासन मिलकर बम निष्क्रिय कार्यक्रम को सावधानीपूर्वक संम्पन्न कराने में जुटी हुई है। फिलहाल तैयारियां की जा रही है। अगले हफ्ते बम निष्क्रिय का काम शुरू होने की संभावना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:होंगे धमाके, 40 दिन रहें सतर्क