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सुब्रत राय, पत्रकारों के खिलाफ न्यायालय अवमानना के नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय और दो पत्रकारों के खिलाफ 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच में दखलंदाजी करने के आरोप में जवाब तलब किया है। उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए माना है कि राय और दोनों पत्रकारों के खिलाफ जांच में दखलंदाजी के आरोप में दम है।

न्यायालय ने खबरदार किया कि अगर 2जी घोटाले की जांच में किसी ने भी लक्ष्मण रेखा लांधी वह सरकारी मेहमान बन जाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया राय और सहारा इंडिया न्यूज नेटवर्क के दो पत्रकार उपेन्द्र राय तथा सुबोध जैन के खिलाफ मामला बनता है। न्यायालय ने तीनों को अवमाननाक के नोटिस का जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।

पीठ ने इस तथ्य को गंभीरता से लिया है कि सहारा समूह के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनी लाउंड्रिंग निवारण अधिनिमय के तहत दो फरवरी को जारी सम्मन के बाद प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक और 2जी स्पेक्ट्रम मामले के जांच अधिकारी  राजेश्वर सिंह को डराने तथा ब्लैकमेल करने की कोशिश की गयी।

न्यायाधीश जी एस सिंघवी और न्यायाधीश ए के गांगुली की पीठ ने कहा कि रिकार्ड को देखने के बाद प्रथम दृष्टया यह 2जी स्पक्ट्रेम घोटाले में राजेश्वर सिंह की जांच में हस्तक्षेप का मामला बनता है। इसीलिए हम स्वत: संज्ञान लेते हुए तीनों को नोटिस जारी करते हैं।

पीठ ने सहारा इंडिया न्यूज नेटवर्क तथा उसकी अन्य प्रकाशन तथा प्रसारण इकाइयों को सिंह से संबंधित स्टोरी या कार्यक्रम दिखाने या प्रकाशित करने से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

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