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चीन पहुंच सकता है अमेरिकी हेलीकॉप्टर का रहस्य

अमेरिकी कमांडो ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के खात्मे के लिए जिस स्टील्थ हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया था, उसके रहस्य चीन तक पहुंचने को लेकर चिंता पैदा हो गई है। यह बात एक मीडिया रपट में यहां सामने आई है।

समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' में प्रकाशित एक रपट के अनुसार अमेरिकी नौसेना के सील्स कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद में अपने मिशन के लिए स्टील्थ हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल इसलिए किया था, ताकि वे पाकिस्तानी रडार के पकड़ में न आ पाएं और लादेन के ठिकाने तक पहुंचने के दौरान किसी को कुछ पता न चल सके।

ज्ञात हो कि एक हेलीकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद कमांडो ने उसके मुख्य हिस्से को विस्फोट के जरिए उड़ा दिया था। लेकिन हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा सलामत रह गया था और पाकिस्तानी सेना ने उसे अपने कब्जे में ले लिया है।

मीडिया रपट में कहा गया है कि भय इस बात का है कि यदि पाकिस्तान ने हेलीकॉप्टर के इस पिछले हिस्से को लौटाने के अमेरिकी अनुरोध को खारिज कर दिया, तो यह मुद्दा एक राजनयिक विवाद में उलझ सकता है।

स्टील्थ हेलीकॉप्टर सम्भवत: ब्लेकहॉक का एक परिवर्धित संस्करण है। इस हेलीकॉप्टर की खुफिया क्षमता इस बात से स्पष्ट हो जाती है कि लादेन के पड़ोस के लोगों को उसकी आवाज तब तक नहीं सुनाई दी, जब तक कि वह उनके सिर पर नहीं पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस हेलीकॉप्टर का आकार और उसकी डिजाइन आरएएच 66 कमांचे हेलीकॉप्टर जैसी ही है। सम्भव है कि उसी तकनीक को ब्लेकहॉक में इस्तेमाल किया गया हो। परिवर्धित पिछले हिस्से ने शोर को कम कर दिया होगा और लगता है कि स्टील्थ लड़ाकू विमानों पर इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की परत उस पर चढ़ा दी गई।  

अखबार ने 'जेन्स डिफेंस वीकली' के सम्पादक पीटर फेलस्टीड के हवाले से कहा है कि अमेरिका हेलीकॉप्टर के मलबे को हर हाल में वापस लेना चाहेगा, लेकिन उसकी प्रौद्योगिकी के चीन पहुंचने को लेकर भी चिंताएं होंगी। इस तरह की प्रौद्योगिकी इस समय उनके लिए बहुत उपयोगी होगी। ज्ञात हो कि पाकिस्तान, चीन के साथ मिलकर जेएफ17 थंडर लड़ाकू विमान की परियोजना पर काम कर रहा है।

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