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इंजीनियरिंग परीक्षा रद्द करने की मांग पर नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने केन्द्र व सीबीएसई को नोटिस जारी कर ऑल इंडिया इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) का पर्चा लीक होने के बाद कुछ केन्द्रों पर रविवार को ही परीक्षा लेने एवं कुछ जगहों पर परीक्षा रद्द कर 11 मई को दोबारा लिए जाने के मसले पर जवाब-तलब किया है। हालांकि हाईकोर्ट ने छात्रों की उस मांग को फिलहाल ठुकरा दिया है जिसमें 11 मई को होने वाली परीक्षा को रद्द कर सभी छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी।

चीफ जस्टिस दीपक मिश्र व संजीव खन्ना की पीठ ने भले ही 11 मई को होने वाली परीक्षा को स्थगित करने से इंकार कर दिया, लेकिन यह साफ कर दिया है कि सबकुछ इस याचिका के फैसले पर निर्भर होगा। इसका मतलब साफ है कि एआईईईई की परीक्षा पर कानून की तलवारें लटकती रहेगी। क्योंकि यदि कोर्ट फैसले में यह कहती है कि याचिकाकर्ता छात्रों को उचित माहौल और मौका नहीं दिया गया और गलत तरीके से परीक्षा हुई है तो पूरी परीक्षा रद्द करनी होगी। हाईकोर्ट ने यह आदेश डॉ. सुधीर तेवतिया व अन्य की याचिका को जनहित याचिका मानते हुए दिया है। हाईकोर्ट ने केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय व सीबीएसई को नोटिस जारी कर 18 मई तक अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई भी उसी दिन होगी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि यह प्रतियोगी परीक्षा है और इसमें सभी छात्र/ छात्राओं को एक ही माहौल और परिस्थितियों में परीक्षा देने का अवसर दिया जाना चाहिए। रविवार को अफरातफरी व अशांत माहौल में परीक्षा हुई थी। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि अधिकांश केन्द्रों पर परीक्षा होने की वजह से बाकी बच्चों को इस बात का पता चल गया कि इस बार कैसे सवाल पूछे गए और उन्हें तैयारी करने का मौका भी मिल गया।

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  • Web Title:इंजीनियरिंग परीक्षा रद्द करने की मांग पर नोटिस