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कडप्पा सीट पर जगमोहन का तेदेपा से सीधा मुकाबला

कडप्पा सीट पर जगमोहन का तेदेपा से सीधा मुकाबला

आंध्रप्रदेश की कडप्पा लोकसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में वैसे तो तीन दलों के प्रत्याशी अपनी मौजूदगी दर्शा रहे हैं लेकिन वास्तव में सीधा मुकाबला वाइएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाइएस जगनमोहन रेड्डी और तेलुगु देसम पार्टी के एमवी मैसूरा रेड्डी के बीच है।

कांग्रेस ने उप चुनाव के लिए डीएल रवीन्द्र रेड्डी को मैदान में उतारा है। कडप्पा लोकसभा सीट पर आठ मई को उप चुनाव होगा। यहां राजनीतिक पंडितों का सवाल यह नहीं है कि कडप्पा में कौन जीतेगा। वह पूछ रहे हैं कि जगत कितने मतों के अंतर से जीतेंगे।

जगन वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कडप्पा से कांग्रेस के टिकट पर 1.75 लाख मतों के अंतर से जीते थे। लेकिन अपना राजनीतिक दल बनाने के लिए गत नवंबर में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।

अपनी पार्टी वाइएसआर कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रहे जगन अपने दिवंगत पिता वाइएस राजशेखर रेड्डी की राजनीतिक विरासत पर दावा कर रहे हैं। अब जगन का उद्देश्य दो लाख से तीन लाख मतों के अंतर से अपनी जीत सुनिश्चित करना है ताकि कांग्रेस को उनके राजनीतिक कद का एहसास हो सके।

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस भी जगन के खिलाफ विरासत का दांव ही खेल रही है। उसका दावा है कि राजशेखर रेड्डी अंतिम सांस तक असली कांग्रेसी बने रहे, जबकि जगन ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कांग्रेस छोड़ दी।

सहानुभूति का सहारा ले रहे जगन कहते हैं कि कडप्पा उप चुनाव में मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वाइएसआर के बीच है। मतदाताओं से वोट मांग रहे जगन कहते हैं कि यह आत्म सम्मान की लड़ाई है। वह कहते हैं कि मतदाता उन्हें इसलिए वोट दें ताकि वह कांग्रेस आलाकमान को सबक सिखा सकें।

कांग्रेस कडप्पा के करीब दो लाख मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रयास कर रही है क्योंकि जगन ने संकेत दिया था कि यदि भाजपा देश भर में मुसलमानों को दस फीसदी आरक्षण देने का वादा करे तो वह उसके साथ गठबंधन पर विचार कर सकते हैं। जगन ने मुसलमानों को राजनीति में आरक्षण देने का वादा किया है।

तेदेपा ने पूरा ध्यान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्रित किया है और बता रही है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच जब दिवंगत राजशेखर रेड्डी मुख्यमंत्री थे तब जगन ने किस प्रकार कथित तौर पर बेहिसाब संपत्ति जुटाई।

इन आरोपों को जगन अपने खिलाफ कांग्रेस और तेदेपा का अभियान बताते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि सहानुभूति की लहर उनकी नैया को किनारे लगा देगी। कडप्पा लोकसभा सीट के सात विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर जगन की और दो पर तेदेपा की गहरी पकड़ है।

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