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'कोयला और लोहा तस्करों से मिले पुलिसकर्मियों पर है निगाह'

कोयला और लोहा तस्करों से मिले पुलिसकर्मियों पर पुलिस मुख्यालय की निगाह है। वैसे पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस धंधे से जुड़े हैं। इसके लिए एक टीम गठित की गई है जो जल्द रिपोर्ट देगी। यह कहना है राज्य के पुलिस प्रमुख जीएस रथ का।

वे हिन्दुस्तान से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो मैनेज करते हैं और जो सिस्टम को प्रभावित करते हैं, उसपर भी नजर रखी जा रही है। वैसे पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है जो एक ही जिला में बार-बार पदस्थापित हो रहे हैं। संबंधित जिला के एसपी डीआइजी को रिपोर्ट देंगे।

डीआइजी आइजी को रिपोर्ट करेंगे। आइजी स्तर की अधिकारियों की एक टीम बना दी गई है जो ऐसे अधिकारियों का तबादला करेगी। डीजीपी खुद ईमानदार अधिकारी हैं और वे चाहते हैं कि पुलिस के हर अधिकारी ईमानदार हो जाएं। इस कारण ही उन्होंने पूरे सिस्टम में परिवर्तन की एक खाका तैयार की है। इसमें उन्हें कहीं कठिनाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

जवानों की संख्या अधिक : झारखंड पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ गई है। इस अनुपात में हवलदार, सूबेदार,एसआई या जमादार नहीं हैं। इससे नियंत्रण करने में कठिनाई हो रही है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि कितने जवान पर कितने सूबेदार या हवलदार होने चाहिए।

क्षेत्रधिकार को लेकर विवाद : डीजीपी ने कहा कि जल्द ही डीएसपी और इंस्पेक्टर के क्षेत्रधिकार का पुनर्गठन होगा। रामगढ़ में जिन थानों को एसपी देखते हैं, उसी को डीएसपी भी देखते हैं। यह स्थिति गुमला, खूंटी जैसे छोटे जिलों में है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रधिकार का बंटवारा होने पर इस राज्य में कुछ इंस्पेक्टर और डीएसपी की संख्या बढ़ जाएगी।

बड़े शहरों के थाने होंगे अपग्रेड : रांची, जमशेदपुर और धनबाद के कुछ थाने अपग्रेड होंगे। इसका प्रस्ताव सरकार को सुपुर्द कर दिया गया है।

प्रशिक्षण : डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण पर भी बल दिया जा रहा है। राज्य में नक्सलियों का बोलबाला है, लिहाजा यहां के जवानों को उनसे लड़ने का अनुरूप प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

काम करने वाले होंगे प्रोत्साहित : अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मी प्रोत्साहित होंगे। इसके लिए सरकार से अनुशंसा भी की जाएगी। आरक्षियों को अपने व्यवहार में थोड़ा परिवर्तन लाना होगा। ताकि आम लोगों को लगे कि पुलिस दुश्मन नहीं दोस्त है। डीजीपी ने कहा कि जूनियर पुलिस अफसरों को जो सुविधा मिलनी चाहिए उन्हें झारखंड में भी हर हाल में मिले इस दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।

जारी रहेगी लड़ाई : रथ ने कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध लड़ाई जारी रहेगी। झारखंड को नक्सलियों से मुक्त कराने की दिशा में डीजीपी खुद प्रयासरत हैं।

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