DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चंद्रेश के बाद संजय सेठ भी बगावत पर

पूर्व विधायक चंद्रेश उरांव के बाद भाजपा के सीनियर लीडर संजय सेठ ने भी बगावत का झंडा थाम लिया है। चार दिन पहले उन्हें पार्टी ने प्रवक्ता पद से हटा दिया था। गुरुवार को संजय बाबूलाल मरांडी के अनशन कार्यक्रम में शामिल हुए। सभा में खुलकर बोले। संजय के साथ भाजपा नेता राजीव रंजन तिवारी, योगेंद्र प्रताप सिंह भी मरांडी के धरना में शामिल हुए।

सेठ ने कहा कि दलगत भावना से ऊपर उठकर मरांडी जी के आंदोलन में शामिल हुए हैं। अतिक्रमण के मसले पर निहायत बाबूलाल वोट की राजनीति नहीं कर रहे हैं। उन्होंने गांधीवादी तरीके से आंदोलन का रुख अख्तियार किया है। पांच दिन से वह अनशन पर हैं, लेकिन सरकार झुकी नहीं। दरअसल भाजपा गरीब विरोधी हो गई है। बकौल संजय: उन्होंने तो इतना भर कहा था कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। 31 साल से वह भाजपा का झंडा उठाते रहे हैं।

हमेशा संगठन में किसी पद पर रहे। कभी निष्ठा तथा नौतिकता पर कोई दाग नहीं लगी। लेकिन सच बोलने पर पद से हटा दिया। भाजपा का जनाधार तो खिसका ही है, पार्टी में आंतरिंक लोकतंत्र और मानवीय संवेदना भी समाप्त होने लगी है। झामुमो ने धरना दिया। जदयू ने भी पुनर्वास को लेकर धरना दिया। आजसू ने भी कहा कि वह लोगों को उजाड़े जाने की हिमायती नहीं है।

प्रदेश अध्यक्ष ने धनबाद में हुई पुलिस फायरिंग की जांच के लिए कमेटी भेजना भी मुनासिब नहीं समझा। वोट किसका मारा जा रहा है। अंगुली किसपर उठ रही है? झारखंड भाजपा पर। शीर्ष स्तर पर बैठे लोग भी चुप हैं। तो क्या पार्टी छोड़ झाविमो ज्वाइन करेंगे, सवाल पर संजय ने कहा: फिलहाल कुछ तय नहीं किया है। अभी जनता के मुद्दे पर मरांडी जी को समर्थन दे रहा हूं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:चंद्रेश के बाद संजय सेठ भी बगावत पर