DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दहशत में बस्ती, आंखों से नींद गायब

बेलनगंज चौकी के ठीक सामने धोबीपाड़ा में दुष्कर्म के बाद मासूम की हत्या के प्रयास की घटना से दहशत बरकरार है। बुधवार रात बस्ती में कोई नहीं सोया। महिला ही नहीं पुरुष भी घबराए हुए हैं। मासूम बेटियों को लेकर चिंतित हैं। तीन दिन में घटना का खुलासा नहीं होने पर बस्ती वालों ने आंदोलन का ऐलान किया है। बस्ती में महिलाओं की पंचायत भी हुई। महिलाएं अपने स्तर से यह पता लगा रही हैं कि कोई बस्ती का ही युवक तो घटना में शामिल नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो गिरफ्तारी से पहले वे उसे अपने स्तर से सबक सिखाएंगी।
मंगलवार रात सात वर्षीय गीता (बदला हुआ नाम) के साथ दुराचार हुआ था। आरोपित ने सिर पत्थर से कुचलकर उसकी जान लेने का प्रयास किया था। गीता अपने पिता के बराबर में सो रही थी। वहशी उसे सोते समय उठा ले गया था। गीता की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उसके सिर में चालीस टॉंके हैं। गुरुवार को वह कुछ देर के लिए होश में आई। सिर्फ इतना बोली कि वह कह रहा था किसी से बोलेगी तो जान से मार दूंगा। इससे ज्यादा उसने कुछ नहीं बताया। पुलिस उसके ठीक से होश में आने का इंतजार कर रही है। उससे पूछताछ के आधार पर स्कैच बनाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ बस्ती वाले घटना से दहशत में हैं। घटना को लेकर महिलाओं में खासा आक्रोश भी है। उनका कहना है कि अब घर के बाहर सोना भी चुनौती बन गया है। अब बच्चाे भी घर के बाहर सोने को तैयार नहीं है। हर किसी की नींद उड़ गई है। बच्चाियां घबरा गई हैं।
 अभी तक कोई सुराग नहीं लगने पर क्षेत्रीय पार्षद दीपक खरे, महिला शांति सेना की वत्सला प्रभाकर, पार्षद कुंदनिका शर्मा, शीला बहल ने चौकी का घेराव किया। पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। सभी का कहना है कि घटना नहीं खुली तो उन्हें ही कुछ करना होगा। वहीं घटनाओं को लेकर पूर्व पार्षद सुभाष जैन और उषा जैन के नेतृत्व में सपाई डीआईजी और एसपी सिटी से मिले। उन्होंने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।

इंसेट--------------
ड्राइवरों और मजदूरों से हुई पूछताछ
आगरा। जिस रात गीता के साथ वारदात हुई धोबी पाड़ा में दो ट्रक लोड हो रहे थे। ड्राइवर और मजदूर मौजूद थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। किसी से कोई सुराग नहीं मिला है। क्षेत्रीय महिलाओं ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद शोर मचने पर एक गाड़ी वाला मौके से गाड़ी लेकर भाग गया था। वह कौन था। पुलिस उसका पता लगा रही है। पुलिस का अनुमान है कि वारदात में बस्ती का युवक भी शामिल हो सकता है। बाहर का व्यक्ति बस्ती में घुसने की हिम्मत नहीं जुटाएगा। पुलिस के इस बयान के बाद बस्ती की महिलाएं युवकों को संदिग्ध निगाह से देख रही हैं। महिलाओं ने निर्णय लिया है कि बस्ती से कोई हुआ तो वे उसे नहीं छोड़ेंगी। सभी महिलाएं अपने स्तर से भी छानबीन में जुट गई हैं।

इंसेट--------------
मासूम बच्चाियों को बना रहे निशाना
आगरा। धोबीपाड़ा की महिलाओं में रोष है। उन्होंने गुरुवार को पुलिस को आड़े हाथ लिया। महिलाओं ने खुलकर कहा कि पुलिस कुछ नहीं करती है। गीता के बराबर में नामनेर की रानी का पलंग है। उस मामले में भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई है। वह पिछले बीस दिन से भर्ती है। उसकी भी जान लेने का प्रयास किया गया था। रानी के साथ जैसा हुआ वैसा ही गीता के साथ हुआ। पुलिस क्या कर रही है। आखिर कौन है जो मासूम बच्चाियों को निशाना बना रहा है। पुलिस के पास महिलाओं के सवालों का कोई जवाब नहीं था। पुलिस यह कहकर महिलाओं को शांत करने में जुटी रही कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। जल्दबाजी में कोई निदरेष जेल नहीं चला जाए। इसलिए वे पुलिस पर बेवजह का दबाव नहीं बनाएं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दहशत में बस्ती, आंखों से नींद गायब