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पानी से भीगा हजारों क्विंटल गेहूं

गेहूं की खरीद बंद हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े हजारों क्विंटल गेहूं की किसी को कोई चिंता नहीं है। इसका नतीजा गुरुवार सुबह दिखाई दिया, जब बरसात में गेहूं के हजारों कट्टे पूरी तरह भीग गए। किसी ने भी मौके पर आकर गेहूं को भीगने से बचाने का प्रयास नहीं किया।

शहर की एक मात्र अनाज मंडी में गेहूं की खरीद करीब एक सप्ताह पहले बंद हो गई। मंडी में एफसीआई और हैफेड द्वारा खरीदे गए गेहूं के करीब डेढ़ लाख कट्टे खुले आसमान के नीचे बेतरतीब पड़े हैं। जिसे उठाने के लिए कोई भी विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। काफी मात्र में गेहूं बोरियों से बाहर बिखरा पड़ा हुआ है। आलम यह है कि व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। गुरुवार की सुबह जब बरसात आई तो मंडी में गेहूं पूरी तरह गीला हो गया। करीब डेढ लाख बोरियों में से 70 प्रतिशत बोरियां गीली हो गईं। इससे पहले भी एक दिन की बरसात में काफी गेहूं गीला हो गया था। आग की सुरक्षा के नाम पर भी मंडी को कोई इंतजाम नहीं है। चार दिन पहले भी गेहूं की सैकड़ों बोरियां जल गई थी। इस मामले में जब दोनों एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि उठान तो हो रहा है। व्यवस्था बनाने में समय लगता है।
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मार्केट कमेटी कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, लेखराज: गेंहू एफसीआई व हैफेड का है। उठान तो हो रहा है, लेकिन धीरे हो रहा है। इसलिए गुरुवार को ऊपरी कट्टे पानी में भीगे गए।

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  • Web Title:पानी से भीगा हजारों क्विंटल गेहूं