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पत्नी को गुजारा भत्ता न देने पर पति का वेतन कुर्क

दिल्ली की एक सत्र अदालत ने एक व्यक्ति की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उसने पत्नी को गुजारा भत्ता न देने पर अपना वेतन कुर्क करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।
   
अतिरिक्त सत्र जज सुरिन्दर कुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें इस आदेश में कुछ भी असंगत नहीं लगता। उन्होंने गाजियाबाद के निवासी विनय कुमार का वेतन कुर्क करने के मजिस्ट्रेटी अदालत के फैसले को बरकरार रखा। कुमार अपनी पत्नी को 2,000 रूपये प्रति माह गुजारा भत्ता देने में नाकाम रहा जिसकी वजह से नवंबर 2010 को मजिस्ट्रेटी अदालत ने उसका वेतन कुर्क करने का आदेश दिया था। सितंबर 2009 को मजिस्ट्रेटी अदालत ने उसे उसकी पत्नी मधु की अपील पर उसे गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।

मधु और कुमार का विवाह 2004 को हुआ था लेकिन जल्द ही दोनों अलग हो गए और मधु ने गुजारा भत्ता के लिए अदालत से गुहार लगाई। सितंबर 2009 को अदालत ने कुमार को आदेश दिया कि वह मधु को 2,000 रूपये प्रति माह गुजारा भत्ता दे।
   
गुजारा भत्ता न मिलने पर मधु ने अदालत में याचिका दायर कर कहा कि उसके ।अदालत के। पूर्व के आदेश का कार्यान्वयन नहीं हो रहा है। तब मजिस्ट्रेटी अदालत ने तीन नवंबर 2010 को कुमार का वेतन कुर्क करने का आदेश दिया।
   
कुमार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपनी अपील में कहा कि उसने कुछ मनीऑर्डर भेजे थे लेकिन वह इस टिप्पणी के साथ वापस आ गये कि मधु बताए गए पते पर नहीं थी। अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी।

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  • Web Title: गुजारा भत्ता न देने पर पति का वेतन कुर्क