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बसु ने वृद्धि दर के अनुमान को घटाने का संकेत दिया

महंगाई की दर के वर्तमान स्तर को अस्वीकार्य करार देते हुए वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने गुरुवार को  संकेत दिया कि सरकार 2011-12 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाएगी।

बजट में सरकार ने अनुमान लगाया था कि 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 9 प्रतिशत रहेगी, जो 2010-11 में 8.6 फीसद रही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई की ऊंची दर के मद्देनजर मौद्रिक नीति को और कड़ा करते हुए वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है।
     
बसु ने आज यहां पत्रकारों से कहा, वृद्धि दर की संभावनाओं को लेकर दुनिया भर में संशोधन हो रहे हैं। ऐसे में हम भी संशोधन करेंगे। निश्चित रूप से यह संशोधन ऊपर की ओर नहीं होगा।
     
कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान को कम किया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ।आईएमएफ। ने 2011 के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 8.4 प्रतिशत से घटाकर 8.2 फीसद किया है। एशियाई विकास बैंक ।एडीबी। ने अनुमान लगाया है कि 2011-12 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहेगी। पहले एडीबी ने 8.7 फीसद की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था।
     
बसु ने कहा कि महंगाई की दर अस्वीकार्य स्तर पर है। उन्होंने कहा, मैं इसके कुछ नीचे आने की उम्मीद कर रहा हूं। मार्च में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति 8.98 प्रतिशत पर थी। बसु ने अप्रैल में महंगाई की दर निश्चित रूप से 9 प्रतिशत से नीचे रहेगी, हालांकि उन्होंने इसका स्तर नहीं बताया।
     
हालांकि, बसु का यह अनुमान केंद्रीय बैंक की राय से मेल नहीं खाता। रिजर्व बैंक ने अपनी सालाना मौद्रिक नीति में कहा है कि सितंबर तक महंगाई की दर का स्तर ऊंचा रहेगा।

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