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दीवार का सीन दोहराना संभव नहीं था : बिग बी

दीवार का सीन दोहराना संभव नहीं था : बिग बी

सिने जगत की चलती फिरती पाठशाला अमिताभ बच्चन कहते हैं कि 'दीवार' फिल्म के मंदिर वाले सीन तथा 'शराबी' फिल्म में ओमप्रकाश की मौत के सीन की डबिंग केवल इसलिए नहीं की गई क्योंकि बिग बी के लिए सही तरीके से इन्हें दोहरा पाना संभव नहीं था।
   
अमिताभ के अनुसार, जब किसी भी दृश्य की डबिंग की जाती है तो उसमें से वास्तविकता खो जाती है इसीलिए उनकी कई फिल्मों के यादगार दृश्यों की डबिंग नहीं की गई। बॉलीवुड के शंहशाह ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि हंसी, आंसू, रोना, चिल्लाना भावों को हकीकत का रूप देना बहुत मुश्किल होता है। कभी भी यह काम पूरी तरह सही नहीं होता और मैंने तो हर बार महूसस किया है कि डबिंग के बाद वास्तविकता काफी हद तक खत्म हो चुकी होती है।
   
उन्होंने लिखा है कि कई बार डबिंग न करने का फैसला इसीलिए किया जाता है कि इससे दृश्य की असलियत को नुकसान होगा। मेरे पास भी ऐसे अनुभव हैं। 'दीवार' फिल्म का मंदिर वाला सीन, 'शराबी' फिल्म में ओमप्रकाश की मौत का सीन, इनकी डबिंग केवल इसलिए नहीं की गई क्योंकि मेरे लिए सही तरीके से इन्हें दोहरा पाना संभव नहीं था।

इन दिनों छोटे पर्दे के लिए 'कौन बनेगा करोड़पति' के अगले संस्करण की तैयारी कर रहे बिग बी ने ब्लॉग में लिखा है कि केबीसी के प्रोमोज की शूटिंग उसी मकान में हो रही है जहां 'पा' फिल्म की शूटिंग हुई थी। फिल्म में यह मकान परेश रावल और अभिषेक बच्चन का था।
   
इस मकान की वास्तुकला की तारीफ करते हुए अमिताभ ने लिखा है कि कंक्रीट के ऊंचे ऊंचे जंगलों के बीच यह खूबसूरत मकान बहुत अच्छा लगता है। हालांकि यह कानूनी विवाद में उलझा है लेकिन अच्छे रखरखाव के कारण आज भी यह अपने वास्तविक स्वरूप में है।
   
केबीसी के अगले संस्करण का प्रसारण अगस्त 2011 में किया जाएगा।

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