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मोदी को दिल्ली नहीं बुलाएगी भाजपा

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और हिंदुत्व के नए पोस्टर ब्वॉय वरुण गांधी को दिल्ली चुनाव प्रचार से दूर रखने के पीछे क्या कोई सोची समझी रणनीति थी? इस सवाल पर भाजपा के भीतर-बाहर खुशर-फुशर तेज है। कारण है कि मोदी तो दिल्ली से सटे गुड़गांव तक आये लेकिन दिल्ली में उन्होंने कदम तक नहीं रखा। हाल में हुये विधानसभा चुनाव में पार्टी ने मोदी का कई राज्यों में जमकर इस्तेमाल किया था। यह बीत दीगर है कि मोदी जिन आठ विधानसभा सीटों पर प्रचार करने गये, वहां भाजपा का एक भी उम्मीदवार नहीं जीत पया। पार्टी ने दिल्ली बम धमाकों के बाद जोरशोर से आतंकवाद का मुद्दा उठाया था। पार्टी के मुख्यमंत्री के दावेदार विजय मल्होत्रा अपनी हर सभा में अफाल और पोटा हटाने की बात कहते थे। लेकिन पार्टी को उन चुनावों में भारी पराजय का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में पार्टी अपनी पुरानी भूल को दोहराना नहीं चाहती है। इसीलिये उसने हिन्दुत्व और आतंकवाद से तौबा कर ली है। सूत्रों का कहना है कि इसीलिये मोदी और गांधी को दिल्ली में चुनाव प्रचार में नहीं उतारा जा रहा है। यही नहीं पोटा से संबंधित बड़ी होर्डिंग-पोटा हटाया, आतंकी मुस्काया भी उसके काम नहीं आई। भूल सुधार इस अभियान में पार्टी ने अब पूर चुनाव अभियान को शहरी मध्यवर्गीय लोगों की महत्वाकांक्षा पर केन्द्रित कर दिया है। यही नहीं पार्टी ने स्लम डाग मिलेनियर के गीत जय हो पर आतंकवाद पर केन्द्रित करती फिल्म बनाई थी। अब इस गीत के मुखड़े में आतंकवाद की जगह महंगाई ने ले ली है। पार्टी आटा, दाल, चावल, चीनी के भाव लेकर मतदाताओं के पास पहुंच रही है। कल तक साइबर दुनिया में घूमने वाले पार्टी के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी के वार रूम ब्वाय दिल्ली की गलियों की खाक छानते घूम रहे हैं। इस टीम का नेतृत्व आडवाणी के राजनीतिक सलाहकार सुधीन्द्र कुलकर्णी कर रहे हैं। इस टीम में एमबीए से लेकर सीए, डाक्टर आदि हैं। यही नहीं फ्रेंडस आफ बीजेपी के बैनर तले होने वाली गतिविधियों को भी बढ़ा दिया गया है।

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