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विधवा औरच दो बच्चों की हत्या

हम अपनी कामयाबियों पर कितना भी इतरा लें, लेकिन सच यही है कि आदिम युग से आज भी मुक्त नहीं हुए हैं। राज्य में पिछले दस वर्षो में डायन के नाम पर करीब एक हाार महिलाएं मार डाली गयी हैं और इसे रोकने के सभी प्रयास नाकाम रहे।ड्ढr ताजा मामला नोवामुंडी थानांतर्गत पदापहाड़ के बोंगा मांडा टोला का है, जहां डायन के संदेह में एक विधवा और उसके दो बच्चों की हत्या कर दी गयी और शवों को एक कुएं में फेंक दिया गया। मृतकों में विधवा चिपरी पुरती (34), उसकी बेटी कुंदी (14) और बेटा डोको (6) शामिल हैं। 22 दिसंबर की रात घटी इस घटना का पता लोगों को 27 दिसंबर को तब चला। जब चिपरी के घर में 23 से ताला लगा देख एक ग्रामीण ने मुंडा शंभुचरण बलमुचू और डाकुवा मुचीराम को इसकी खबर दी। 27 दिसंबर को ग्रामीणों ने घर का ताला तोड़ा तो अंदर जगह-ागह खून के धब्बे दिखे जिन्हें गोबर से लीप कर मिटाने की कोशिश की गयी थी। घर के अंदर एक मुर्गी और बकरी मिली, जो कई दिनों से भूखे थे। चिपरी दातून बेच बच्चों का भरण-पोषण करती थी। गांव के कुछ लोगों को संदेह था कि चिपरी डायन है और उसी के कारण उनके बच्चे बीमार हो रहे हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि इसी कारण चिपरी की हत्या की गयी और सुबूत मिटाने के लिए उसके बच्चों को भी मार डाला गया। समाचार लिखे जाने तक शव कुएं में ही पड़े थे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। निस ं

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