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म्यूटेशन पर बढ़ी सरकार की मशक्कत

झारखंड बनने के 10 साल बाद अपनी जमीन पर मालिकाना हक पाने को सूबे के लाखों लोग तरस रहे हैं। इसका अंदाजा  गत माह सरकार द्वारा लगाए गए चार दिवसीय म्यूटेशन कैंप में आए 2 लाख से ज्यादा आवेदन से लगाया जा सकता है। बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मथुरा महतो के विशेष निर्देश पर सूबे के 259 ब्लॉक में 18 से 21 अप्रैल तक चार दिवसीय विशेष म्यूटेशन कैंप लगाया गया था। कैंप में एक-एक दिन में हजारों लोगों ने म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया। सबसे ज्यादा आवेदन हजारीबाग, धनबाद, रांची, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर, बोकारो, लातेहार, लातेहार, लोहरदगा, पलामू व खरसांवा आदि जिले में आए हैं।
रसीद की कशमकश
सरकार के निर्देश को ध्यान में रखते हुए सीओ अब आवेदक को जल्द से जल्द रसीद उपलब्ध कराने के लिए जूझ रहे हैं। अंचल कार्यालयों में जोर-शोर से रिकार्ड का मिलान किया जा रहा है। ताकि लोगों को निर्धारित समय सीमा के अंदर रसीद दे दिया जाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन दशक बाद बड़े पैमाने पर म्यूटेशन के लिए आवेदन आने से कर्मचारी से लेकर अधिकारी कशमकश में हैं।
हर मंगलवार को कैंप
विभाग द्वारा सभी डीसी को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि प्रति मंगलवार को ब्लॉक में म्यूटेशन के लिए विशेष कैंप लगाया जाए। यही नहीं कैंप में आवेदन देने वाले लोगों को हाथों-हाथ रसीद दें। सीओ को मंगलवार को अनिवार्य रूप से ब्लॉक में रहने का निर्देश दिया है।

म्यूटेशन के लिए बड़े पैमाने पर 2 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। कोशिश है कि लोगों को एक महीने में म्यूटेशन रसीद उपलब्ध करा दिया जाए। नए सीओ की पोस्टिंग से उम्मीद है कि लोगों को काफी सहुलियत होगी।
मथुरा महतो, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

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