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अमेरिका का नया दुश्मन पाकिस्तान

अमेरिका का नया दुश्मन पाकिस्तान

ओसामा बिन लादेन से मुक्ति पाने के बाद अमेरिका ने को एक नया दुश्मन मिल गया है और वह पाकिस्तान। यहां कोई यह मानने को राजी नहीं है कि पाकिस्तानियों को उसकी प्रमुख सैन्य अकेडमी से चंद सौ मीटर की दूरी पर दुनिया का सबसे वांछित आतंकवादी का पता नहीं था। राष्ट्रपति बराक ओबामा के आतंकवाद विरोधी प्रमुख जॉन ब्रेनन ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में अपने सहयोगी को क्लीन चिट देने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर पाक लगातार कह रहा है कि उसे विश्वसनीय साझीदार के रूप में इस ऑपरेशन की पूर्व सूचना नहीं दी गई।

आतंक के खिलाफ जंग के साझीदार के तौर पर पाकिस्तान को काफी अमेरिकी इमदाद मिलती है। इसके बावजूद उसके दोहरे रवैये से अमेरिकियों को लगता है कि उनके साथ विश्वासघात किया जा रहा है। सीआइए के ड्रोन हमलों और हाल में एक अमेरिकी के हाथों दो पाकिस्तानियों की हत्या से दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। यही नहीं, अब यहां पाकिस्तान को अफगान समस्या के हिस्से के रूप में देखा जाने लगा है। विशेषज्ञों और अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उसके साथ पहले जिन खुफिया सूचनाओं को साझा किया गया वे या तो तालिबान या फिर बिन लादेन को पहुंच गईं। ब्रेनन ने कहा, ‘हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह (बिन लादेन) इतने लंबे समय से वहां (पाकिस्तान में) कैसे थे और क्या पाक में कोई ऐसा सपोर्ट सिस्टम था जिससे उसे वहां रहने की इजाजत मिली।’

ब्रेनन ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘यह सोच से परे है कि बिन लादेन को उस देश में कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं था। वही इसी के बूते वहां इतने समय से था।’ रक्षा विभाग-पेंटागन के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने उस हवेली के बारे में सूचना दी थी लेकिन उसे नहीं मालूम था कि उसमें क्या है। ‘उन्हें उस परिसर में हमारी दिलचस्पी के बारे में मालूम नहीं था लेकिन उन्होंने उससे जुड़ी जानकारी हमें दी और उसी के आधार पर हमने उस रोज अपना काम कर दिखाया।’

पाकिस्तान को पता था: दस्तावेजों के मुताबिक, ओसामा पाकिस्तान में अदृश्य नहीं था। जब भी सुरक्षा बल उसके ठिकाने पर छापे की योजना बनाते थे उसे पहले ही आगाह कर दिया जाता था।

पूर्व चेतावनीः विकिलीक्स ने अमेरिका के सरकारी दस्तावेजों के हवाले से दावा किया कि जब भी अमेरिकी फौजी लादेन के करीब पहुंचते, पाक की सुरक्षा सेवाएं उसे आगाह कर देती थीं।

ताजिक रिपोर्टः ताजिकिस्तान ने 2009 में कहा कि पाक जासूस अमेरिकी प्रयासों पर पानी फेर रहे हैं। अमेरिकी दस्तावेज में कहा गया कि पाक को आसामा का ठिकाना पता था।

नया निशाना
यह मानने को कोई तैयार नहीं कि लादेन के बारे में पाक को नहीं था पता
लादेन को पाक की मदद के सिस्टम का पता लगाने में जुटा अमेरिका
सपोर्ट सिस्टम के बूते ही पाक में टिका था ओसामा

जेरोनिमो ईकेआईए
ओसामा बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई को दिया गया कूट नाम जेरोनिमो ईकेआईए था।
जेरोनिमो था ओसामा का नाम, ईकेआईए का अर्थ था एनमी किल्ड इन एक्शन।

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