DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

निगरानी अदालत ने मुखिया को सुनाई जेल की सजा

बिहार में एक विशेष निगरानी अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार एक मुखिया को दोषी करार देते हुए मंगलवार को साढ़े तीन साल के कारावास और पांच पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

अभियोजन सूत्रों ने बताया कि विशेष निगरानी अदालत के न्यायाधीश आरसी सिन्हा ने सुपौल जिले के राजकर्णपुर पंचायत के तत्कालीन मुखिया को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल के कारावास और पांच पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में निगरानी जांच ब्यूरो ने मुखिया बद्री ठाकुर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:निगरानी अदालत ने मुखिया को सुनाई जेल की सजा