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भारत को भी करनी चाहिए ऐसी कार्रवाई

भारत को भी करनी चाहिए ऐसी कार्रवाई

ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी से लगातार इनकार कर रहे पाकिस्तान के भीतर घुसकर लादेन को मारने की अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत से भी इसी तरह का कदम उठाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व राजनयिक व पाकिस्तान में राजदूत रह चुके जी पार्थसारथी ने साफ कहा कि भारत को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानो पर हमला करना चाहिए तभी इस लड़ाई में हमारी जीत हो सकती है।

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत ने भी 26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सजिर्कल स्ट्राइक का मन बनया था लेकिन बाद में विचार त्याग दिया। भारत ने 2001 में संसद पर पाक आतंकियों के हमले के बाद दाउद इब्राहिम समेत 19 लोगों की सूची पाकिस्तान को दे कर मांग की थी कि इन्हें भारत को लौटाया जाए। इस बात के भी प्रमाण हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर में भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकवादियों के 42 शिविर मौजूद हैं लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा यही कहा कि न तो भारत मं वांछित लोग पाकिस्तान में हैं और न ही कोई आतंकी शिविर है।

पार्थसारथी की राय से सहमत थलसेना के पूर्व ले.जनरल वी.जी.पाटनकर का कहना था कि यदि राजनीतिक नेतृत्व सजिर्कल स्ट्राइक का फैसला करता है तो स्पेशल फोर्सेस और लड़ाकू विमानों की मदद से ऐसी कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन सरकार फैसला करते समय इसके नतीजों का ध्यान रख कर ही फैसले करती है।

दूसरी ओर पूर्व एयर मार्शल कपिल काक का कहना है कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ ताकत का दिखावा करने के लिए नहीं होनी चाहिए। जब तक हम उद्देश्य चिन्हित नहीं करते, हमें ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए। यह पहला मौका नहीं है जब किसी एक देश ने दूसरे देश में इस तरह की कार्रवाई की हो। अमेरिका के अलावा इजरायल ने इराक के कथित परमाणु ठिकानों पर ऐसी ही कार्रवाई की थी। रूस ने भी जाजिर्या के खिलाफ कार्रवाई कर सफलता हासिल की।

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