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मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पाकिस्तान पर उठाए सवाल

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पाकिस्तान पर उठाए सवाल

दुनिया भर में आतंकवाद का पर्याय बन चुके आतंकवादी संगठन अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पाकिस्तान को कटघरे में खडा़ करते हुए कहा है कि अब यह सिद्ध हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देने वाला देश है।
 
इन धर्मगुरुओं का कहना है कि भारत सरकार को अब 26/11 के आरोपियो और दाऊद इब्राहिम के प्रत्यर्पण के लिए अपना दबाव बढा़ देना चाहिए। इन धर्मगुरुओं ने ओसामा के मारे जाने पर संतोष तो व्यक्त किया, लेकिन उसे दफनाने के तरीके को इस्लाम विरोधी करार दिया।

ऑल इंण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि अब यह सिद्ध हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है। अब भारत को मुम्बई हमले के दोषियों और दाऊद इब्राहिम को सौंपने के लिए दबाव बढा़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर वह पाकिस्तान को इस्लामी राष्ट्र नहीं मानते, क्योंकि वहां कुरान का नहीं इन्सान का कानून चलता है।
 
ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष और प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने कहा कि लादेन के मारे जाने के तरीके से यह तय हो गया है कि पाकिस्तान अमेरिका का गुलाम बनकर रह गया है। उनका कहना था कि वह लादेन को मुसलमान नहीं मानते, क्योंकि इस्लाम बेगुनाहों के कत्ल की इजाजत नहीं देता और लादेन पर ज्यादातर बेगुनाहों के ही कत्ल का इल्जाम है।
 
बोर्ड के ही वरिष्ठ सदस्य और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत विरोधी आतंकवादियों को संरक्षण देना महंगा पडे़गा। पाकिस्तान को चाहिए कि वह भारत में आतंकवाद फैलाने के जिम्मेदार लोगों को भारत के हवाले कर दे। उन्होंने कहा कि लादेन को समुद्र में दफनाने का मतलब है कि उसकी मौत की पुष्टि नहीं की गई। उसका पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया। यदि उसे वास्तव मे समुद्र में दफनाया गया तो यह इस्लामिक परम्पराओं के विरुद्ध है।
 
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने भारत को अमेरिका से सीख लेने की सलाह दी और कहा कि दुश्मन का पीछा अन्त तक किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कुछ अमेरिकी नीतियों के प्रति अपनी नाराजगी जताई।

उनका कहना है कि यदि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका वास्तव में गंभीर है तो उसे केवल अपने दुश्मन तक ही नहीं सीमित रहना चाहिए, बल्कि दुनिया में जो भी आतंकवाद को बढा़वा दे रहा हो, उसे घेरकर उसका काम तमाम करना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की दो परिभाषाएं नहीं हो सकतीं। भारत में आतंकवाद फैलाने वालों के प्रति नजरिया दूसरा हो और अमेरिका पर हमला करने वाले के प्रति दूसरा हो, यह उचित नहीं है। बरेलवी मुसलमानों की जमात के प्रख्यात मौलाना तौकीर रजा बरेलवी का कहना है कि लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद अब तो यह तय हो गया कि पडो़सी मुल्क आतंकवादियों का आरामगाह है और जब आतंकवादियों का सरगना वहां इतनी आसानी और शान-शौकत के साथ रह रहा था तो उसके कितने गुर्गे अब भी वहां मौजूद होंगे।

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  • Web Title:ओसामा को समुद्र में दफनाना इस्लाम के खिलाफ: धर्मगुरु