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कर्ज हुआ महंगा, बचत खाते पर अधिक ब्याज

कर्ज हुआ महंगा, बचत खाते पर अधिक ब्याज

महंगाई पर लगाम लगाने के प्रयास के तहत रिजर्व बैंक ने बैंकों के साथ नकदी के अल्पकालिक लेनदेन की दरें रेपो और रिवर्स रेपो आधा प्रतिशत बढ़ा दी, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया।

आरबीआई ने रेपो दर 6.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.25 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रिवर्स रेपो 5.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दी है। रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को तात्कालिक जरूरत के लिए नकदी उधार देता है। रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर वह बैंकों से नकदी उधार लेता है।

रिजर्व बैंक ने उच्च मुद्रास्फीति को देखते हुए आम जमाकर्ताओं को उनकी बैंक जमा पर प्रतिफल बढ़ाने के लिए बचत बैंक खातों पर ब्याज की दर भी आधा प्रतिशत बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दी। अभी तक बचत खातों पर 3.5 प्रतिशत ब्याज मिलता है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने और मध्यम अवधि में आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखने के लिए वार्षिक मौद्रिक नीति के तहत इन उपायों की घोषणा की। मुद्रास्फीति अभी नौ प्रतिशत के आसपास है।

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया। इससे पहले आरबीआई का आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत था। वर्ष 2010-11 में आर्थिक वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत थी।

सुब्बाराव ने कहा कि कच्चे तेल और अन्य जिंसों की कीमतों में तेजी और रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रास्फीति से निपटने के लिए किए गए मौद्रिक उपायों से आर्थिक वृद्धि दर में नरमी आएगी। उन्होंने कहा,  मानसून सामान्य रहने और 2011-12 के दौरान कच्चे तेल की कीमतें औसतन 110 डॉलर प्रति बैरल रहने की मान्यता के आधार हमारा अनुमान है कि  चालू वित्त वर्ष में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत वृद्धि होगी।

हालांकि, गवर्नर ने कहा कि रिजर्व बैंक का मुख्य अनुमान यह है कि मुद्रास्फीति चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में मार्च, 2011 के स्तर (8.98 प्रतिशत) पर बनी रहेगी, जिसके बाद इसमें गिरावट का रुख बनेगा। रिजर्व बैंक का अनुमान है कि मार्च 12 तक मुद्रास्फीति 6 प्रतिशत या उससे थोड़ी ऊपर रहेगी। केंद्रीय बैंक मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति तीन प्रतिशत तक सीमित करने का लक्ष्य रखा है।

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