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एहतियात के लिए अमेरिकी दूतावास व कान्सुलेट बंद

एहतियात के लिए अमेरिकी दूतावास व कान्सुलेट बंद

अमेरिका के सुरक्षा मामलों के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार जॉन ब्रेनन ने कहा कि बिना किसी सहयोग के ओसामा इतने लंबे समय तक पाकिस्तान के अंदर नहीं रह सकता था।

अमेरिका में पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी ने भी समयका तकाजा देखते हुए स्वीकार किया है कि पाकिस्तान के कट्टपंथियों का लादेन को समर्थन प्राप्त था। लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि पाक सरकार को इसका पता नहीं था, नहीं तो उसे पाक सरकार गिरफ्तार कर चुकी होती।

इधर, अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान के अंदर अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान में स्थित अपने दूतावास बंद कर दिए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में स्थापित कान्सुलेट भी बंद कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इसकी पूरी संभावना है कि पाकिस्तान के अंदर से लादेन को सहयोग मिल रहा था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा अधिकारी लादेन के घर से तथ्यों को इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अभियान में पाकिस्तानी सैनिकों के साथ बिना किसी झड़प के सफलतापूर्वक अफगानिस्तान लौटने के बाद अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

आतंक निरोधी मामलों और आंतरिक सुरक्षा मामलों के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार जॉन ब्रेनन ने संवाददाताओं से कहा कि जब तक पाकिस्तान के आसमान से हमारे सभी विमान वापस नहीं लौट आए तब तक हमने पाकिस्तानियों के साथ संपर्क नहीं किया।

उन्होंने कहा कि हम इस बात को लेकर चिंतित थे कि पाकिस्तान कहीं उस स्थिति में अपने लड़ाकू विमान न भेज दे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी वहां कौन था, अमेरिका या कोई और।

ब्रेनन ने कहा कि अभियान पर नजर रख रहे कुछ शीर्ष अमेरिकी अधिकारी यह देख रहे थे कि अमेरिकी विमान और कर्मी पाकिस्तानी आसमान से बाहर निकल पाते हैं या नहीं और सौभाग्य से पाकिस्तानी सैनिकों के साथ कोई झड़प नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि यह अभियान इस तरह चलाया गया, जिससे पाकिस्तानी बलों के साथ झड़प का अवसर उत्पन्न नहीं हो पाए। इसे बहुत अच्छी तरह से अंजाम दिया गया।

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