DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

योजनाओं की वित्तीय मामलों को खंगाल रही सीबीआई

बिजली घोटाले के मामले की जांच को लेकर सीबीआई की टीम सोमवार को झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के एचइसी स्थित मुख्यालय पहुंची। बोर्ड मुख्यालय में सीबीआई अफसरों ने कई फाइलों पर गौर फरमाया और पड़ताल की।

खासकर राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण तथा एपीडीआरपी योजनाओं के बारे में पूछा गया और उसके वित्तीय पहलुओं की जानकारियां ली गयी। सूत्रों के अनुसार बिजली बोर्ड घोटाले की जांच में लगी सीबीआई पिछले दस सालों में झारखंड राज्य बिजली बोर्ड की आमदनी तथा खर्च की जानकारी एकत्रित कर रही है।

राज्य सरकार की ओर से बिजली बोर्ड को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कितनी राशि दी गयी और कितना उसने खर्च किया, के साथ- साथ स्थापना मद में कितनी राशि खर्च की जाती है, उसका भी ब्योरा सीबीआई ले रही है। पतरातू पावर प्लांट तथा तेनुघाट प्लांट के जीर्णोद्धार पर कितनी राशि खर्च की गयी है, उसके बारे में बिजली बोर्ड से सीबीआई ने हिसाब-किताब मांगा था।

बताते चलें कि सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि प्रथमदृष्टया बोर्ड के अंदर कई प्रकार की तकनीकी तथा वित्तीय गड़बड़ियां की गयी हैं। मालूम हो कि बिजली बोर्ड में जितने भी घोटाले हुए हैं, उसकी जांच का भी आग्रह खुद बोर्ड प्रशासन द्वारा सीबीआई से किया गया है।

अभी किसी पर जवाबदेही तय नहीं की गयी है: एके झा
बिजली बोर्ड घोटाले मामले के जांचकर्ता अधिकारी एसके झा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ प्रारंभिक जांच की गयी है। बिजली बोर्ड के किसी अफसरों पर गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय नहीं की गयी है। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में जांच की जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:योजनाओं की वित्तीय मामलों को खंगाल रही सीबीआई