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कंक्रीट के जालों पर सीबीआई की पैनी नजर

शहर के कंक्रीट के जालों पर सीबीआई की पैनी नजर गड़ी हुई है। सोमवार को कचहरी रोड स्थित पंचवटी प्लाजा की नापी-जोखी एक बार फिर सीबीआई की टीम ने किया। इससे पूर्व भी वहां नापी की गयी थी, मगर उसे पूरा नहीं किया जा सका था।

नापी जोखी में आरआरडीए के इंजीनियरों की भी मदद ली गयी। जांच एजेंसी ने अभी तक 19 मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों की नापी जोखी का काम पूरा कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने राजधानी के 200 मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों को नापी जोखी के लिए सूचीबद्ध किया है। वैसे रैंडम के तहत मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों की जांच चल रही है।

अभी तक क्या पाया गया जांच में
मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों की जांच में सीबीआई ने अभी तक यह पाया है कि ज्यादातर भवनों के निर्माण में काफी गड़बड़ियां की गयी हैं। मूल नक्शे से तीस से चालीस फीसदी तक विचलन ज्यादातर बिल्डिंगों में किया गया है। कुछ मामले ऐसे भी सामने आये हैं, जिसमें तल्ले तक की संख्या ज्यादा कर दी गयी है। वाटर हार्वेस्टिंग तथा एंडी फायर के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कई मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों के बेसमेंट में पार्किग की व्यवस्था नहीं की गयी है।

किससे हो चुकी है पूछताछ- आरआरडीए के कई कर्मचारियों तथा इंजीनियरों से सीबीआई ने इस मामले में पूछताछ की है। पूर्व उपाध्यक्ष एमपी सिन्हा तथा पूर्व सचिव एसएन मंदिलवार समेत कुछ रिटायर्ड अफसरों तथा कर्मियों से भी जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नक्शा में हेरफेर के मामले में सवालों से घेरा। आगे भी इस मामले में आरआरडीेए के पूर्व अफसरों से पूछताछ की संभावना है।

18 तक जांच की प्रगति की देनी है जानकारी- सीबीआई 18 मई तक आरआरडीए मामले की जानकारी झारखंड उच्च न्यायालय को देगी। 18 अप्रैल को सीबीआई ने अदालत को इस मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। जांच एजेंसी ने अदालत से गुजारिश करते हुए कहा था कि चूंकि इस मामले का दायरा काफी बड़ा है, लिहाजा उसे जांच के लिए तीन माह की मोहलत दी जाये। अदालत ने एजेंसी को एक माह का समय दिया है। 

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