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सुपारी देने वाली प्रेमिका गिरफ्तार

स्कूल में पढ़ने के समय से ही गाजियाबाद के विजय नगर में रहने वाला रवीन्द्र पड़ोस में रहने वाली मीनाक्षी से प्यार करता था। पढ़ाई पूरी करने के बाद रवीन्द्र फिजियोथैरेपिस्ट बन गया, जबकि मीनाक्षी दांतों की डॉक्टर। लगभग 15 साल तक उनका प्रेम-प्रसंग चला, लेकिन इस बीच मीनाक्षी की जिंदगी में डा. विनोद आ गया। वह डा. विनोद से शादी करना चाहती थी, लेकिन रवीन्द्र से डरती थी। इसलिए उन्होंने रवीन्द्र की हत्या की सुपारी दे दी।
सुपारी लेने वाले हरीश उर्फ टीटू (21), अमित (21), उमेश (30) , पवन (30) को पुलिस ने डा. मीनाक्षी (29) व डा. विनोद (31) सहित गिरफ्तार कर लिया है। उधर गोली लगने से घायल रवीन्द्र का उपचार चल रहा है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से सुपारी लेकर हत्या की कोशिश किए जाने के तीन मामले सुलझाने का दावा किया है।


पुलिस उपायुक्त छाया शर्मा ने बताया कि गत 27 अप्रैल की रात रोहिणी सेक्टर-15 स्थित वर्धमान अस्पताल के  डाक्टर रवीन्द्र को किसी ने गोली मार दी थी। उन्हें उपचार के लिए जयपुर गोल्डन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बाबत मामला दर्ज कर के.एन.काटजू मार्ग थानाध्यक्ष संजीव गौतम व संजय गांधी चौकी इंचार्ज जसमोहिंदर सहित पांच पुलिस टीमों ने जांच शुरू की। मौके से पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला, जो  अलीगढ़ निवासी पवन के नाम पर था। पुलिस ने पवन को गिरफ्तार किया तो उसने सुपारी लेकर डा. रवीन्द्र को गोली मारने की बात कबूल कर ली।
उसने बताया कि विनोद ने अलीगढ़ निवासी अरविंद और रामेश्वर के माध्यम से पवन, उमेश, कौशल, हरीश उर्फ टीटू और अमित को 2.5 लाख की सुपारी दी थी। 25 हजार रुपये उन्हें बतौर पेशगी अरविंद ने दी थी। 27 अप्रैल की शाम पांचों आरोपी रोहिणी आए, जहां विनोद ने उन्हें दो कट्टे व चार कारतूस दिए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने उमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद हरीश व अमित को जहांगीरपुरी से गिरफ्तार कर लिया गया।

फोन पर सुनना चाहता था
डा. रवीन्द्र की हत्या के लिए चलने वाली गोली की आवाज डा. विनोद फोन पर सुनना चाहता था। उसने कहा कि वह सुपारी की बची हुई रकम (2.25 लाख) तभी देगा, जब फोन पर वह गोली चलने की आवाज सुन लेगा। इसलिए गोली मारने के दौरान हरीश ने पवन के फोन से डा. विनोद को फोन मिला रखा था। गोली मारने के बाद मची भगदड़ के दौरान उसके हाथ से मोबाइल फोन गिर गया था।

मेरठ में की शादी
गोली चलने की आवाज सुनने के बाद डा. विनोद को लगा कि अब उसके व डा. मीनाक्षी के बीच का रोड़ा हट गया है। इसलिए 30 अप्रैल को मेरठ स्थित आर्य समाज मंदिर में उन्होंने शादी कर ली थी। दोनों शादी के बाद हनीमून के लिए नैनीताल जा रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने दोनों को काशीपुर रोड के समीप से एक मई को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से वह कट्टा भी बरामद हुआ, जिससे डा. रवीन्द्र को गोली मारी गई थी।

दो बार पहले भी कराया था हमला
विनोद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने 22 जुलाई 2009 और 22 फरवरी 2010 को भी कांट्रेक्ट किलर के माध्यम से रवीन्द्र पर गोली चलवाई थी, लेकिन वह दोनों बार बच गया था। इस संबंध में गाजियाबाद के विजय नगर थाने में मामले दर्ज हैं।


 ऐसे बढ़ी थी नजदीकियां
मीनाक्षी बीडीएस करने के बाद विजय नगर में अपने घर के समीप एक डेंटल क्लीनिक चलाती थी। कोई गंभीर मामला आने पर वह अपनी मदद के लिए गाजियाबाद में ही डेंटल क्लीनिक चलाने वाले डा. विनोद को बुलाती थी। वहां आने-जाने के दौरान ही दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गई और दोनों ने शादी करने का मन बना लिया था। डा. विनोद ने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से बीडीएस किया हुआ है। उसके पिता यूपी पुलिस में हवलदार हैं।

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