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बाईपास रोड का विवाद सुलझा

बाईपास रोड को जेसीबी से उखाड़ने पर उपजे विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें हरियाणा के अलावा यूपी वन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान दोनों प्रदेशों के अधिकारियों ने यह विवाद सुलझा लिया है। हुडा अब इस जमीन के लिए आवेदन करेगा। इसकी प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई है।


हुडा प्रशासक ए श्रीनिवास ने बाईपास रोड की जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसके आधार पर उन्होंने हुडा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस विवाद को यूपी सिंचाई विभाग से आए अधिकारियों के साथ बैठकर सुलझाएं। इसके बाद यह मीटिंग कार्यकारी अभियंता एके आर्य के कार्यालय में चली। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में यूपी वन विभाग के अधिकारी शिव कुमार त्यागी ने विशेष तौर पर हिस्सा लिया। उनके साथ हुडा के एसडीओ हरीश त्यागी और कनिष्ठ अभियंता केसी अधाना भी मौजूद थे। बैठक के दौरान दोनों विभागो के अधिकारियों ने जमीन के रेवेन्यू रिकार्ड दिखाए। इसके आधार पर यह तय हो गया कि यह जमीन यूपी वन विभाग की है। इसके आधार पर हुडा को यह जमीन लेने के लिए यूपी वन विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होगा। जिस पर हुडा अधिकारियों ने सहमति जता दी। इसके बाद जमीन लेने के लिए औपचारिकताएं पूरी की गईं। शाम साढ़े चार बजे तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई। जिस पर हुडा अधिकारियों के हस्ताक्षर कराए गए। अब यह आवेदन यूपी सिंचाई विभाग के दादरी स्थित कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके लिए हुडा के दो अधिकारी मंगलवार को दादरी के लिए रवाना हों गे। आवेदन जमा कराने का जिम्मा हुडा के एसडीओ हरीश चंद त्यागी और कनिष्ठ अभियंता केसी अधाना को सौंपा गया है।

ऐसे होगी आवेदन प्रक्रिया पूरी
 -जमीन से संबंधित प्रोजेक्ट तैयार करके नोएडा डिवीजन में जमा कराई जाएगी
-डिवीजन से मंजूरी के बाद इससे संबंधित फाइल मेरठ सर्किल में भेजी जाएगी
- सर्किल से स्वीकृति के बाद इसे अनुमति के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
- लखनऊ से हरी झंडी मिलने के बाद यह फाइल दिल्ली स्थित केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रलय भेजी जाएगी।

क्या है मामला ?
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की ओर से बाईपास को सिक्स लेन बनाया जा रहा है। सड़क के रास्ते में तिगांव मोड और चंदावली मोड पर जमीन का कुछ हिस्सा यूपी वन विभाग का पड़ता है। यह जमीन वन संरक्षित भूमि है। जिस पर बिना अनुमति गैर वानिकी कार्य नहीं किया जा सकता। इसके लिए विधिवत रूप से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रलय से अनुमति लेनी होती है। लेकिन हुडा ने जमीन की अनुमति मिले बिना इस जमीन पर बाईपास बना दिया। जिसे यूपी वन विभाग ने जेसीबी से खुदवा दिया। यह विवाद पिछले तेरह वर्षो से चला आ रहा था। जिसका निदान आज की बैठक में हो गया है।

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