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9/11 का कसाई मर गया

उल्लास के इन ऐतिहासिक दृश्यों में हजारों लोग आज की रात ह्वाइट हाउस के आगे ओसामा बिन लादेन की मौत का जश्न मना रहे हैं। 9/11 का सरगना, हजारों मासूम इंसानों का कातिल और धरती पर मौजूद सबसे बर्बर चेहरे का अंतत: अंत हो गया है। अमेरिका और आजाद दुनिया के लिए यह एक महान दिन है और उन इस्लामी दहशतगर्दो के लिए इसमें एक संदेश भी है कि आजादी के दुश्मन हर हाल में मार गिराए जाएंगे। साथ ही, यह घटना पश्चिम के उस निश्चय का स्मरण कराती है कि जो भी मानव स्वतंत्रता को खत्म करना चाहता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें कोई दोराय नहीं कि ओसामा की मौत से न सिर्फ अल-कायदा के नेटवर्क को गहरी चोट पहुंचेगी, बल्कि पूरे इस्लामी आतंकवाद को धक्का पहुंचेगा। लेकिन यह अवसर आत्मसंतोष का नहीं होना चाहिए। इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ जंग जारी रखनी होगी। सांप का सिर भले ही कट गया है, लेकिन अल-कायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी फ्रेंचाइजी के रूप में विकसित हो चुका है। इसकी शाखाएं दुनिया भर में हैं, जिन्हें नेस्तनाबूद करना होगा। अल-कायदा अमेरिका और ब्रिटेन से इसका बदला चुकाने की कोशिश करेगा। इसलिए इस वक्त पश्चिमी जगत में खुफिया तंत्र को अपनी अपूर्व सक्रियता दिखाने की जरूरत है। लगभग एक दशक तक पीछा करने के बाद लादेन को मार गिराने की घटना यह बताती है कि अमेरिका दुर्दात आतंकवाद के खिलाफ एक लंबी जंग लड़ने को प्रतिबद्ध है। ओबामा का खात्मा करने में मिली कामयाबी दरअसल अमेरिकी, ब्रिटिश व नाटो फौजों के अदम्य बलिदान को एक श्रद्धांजलि है, जिनके अनगिनत सदस्यों ने अफगानिस्तान में यह सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया कि अल-कायदा अब कभी भी अफगानिस्तान को पश्चिम पर हमले का आधार नहीं बना सकेगा। ओसामा बिन लादेन के अंत के साथ दुनिया आज की रात महफूज हो गई है, लेकिन जब तक इस धरती से अल-कायदा और उसे गुर्गों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक शांति स्थापित नहीं हो सकती।
नील गार्डिनर, द टेलीग्राफ 

 

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