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अमेरिकियों ने ऑपरेशन ओसामा पर सात महीने किया काम

ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के लिए अमेरिकी अभियान के लिए जमीनी कार्य पिछले वर्ष अगस्त में ही शुरू हो गया था, जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित ओसामा के परिसर तक पहुंचने के लिए उसके एक भरोसेमंद दूत का पीछा किया।

अमेरिकी सेना और गुप्तचर एजेंसियां उस दूत का पीछा कर रही थीं जिसपर ओसामा बहुत भरोसा करता था और उसका इस्तेमाल बाहरी दुनिया से सम्पर्क बनाने के लिए करता था। इसमें सफलता तब मिली जब अमेरिकी प्रशासन को उसके असली नाम का पता चार वर्ष पहले चला।

अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी को उस स्थान का पता लगाने में और दो वर्ष का समय लग गया, जहां से दूत संचालित हो रहा था। एजेंसी उसका पीछा करके एबटाबाद स्थित उस परिसर तक पहुंच गई, जहां पर इस्लामाबाद से पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगता है।

द न्यूयार्क टाइम्स ने कहा कि सीआईए के विश्लेषकों ने वर्ष 2010 के अगस्त और सितम्बर में यह पता लगाने के लिए सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों का विश्लेषण किया कि उस परिसर में कौन रह रहा है।

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