DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंत्रियों की बेनामी संपत्ति रही चर्चा में

वर्ष 2008 में आयकर विभाग की गतिविधियां यूं तो रूटीन तौर पर चलती रहीं, लेकिन झारखंड के मंत्रियों की बेनामी संपत्ति की जांच को लेकर विभाग पर सबकी नजरं जा टिकीं। झारखंड हाइकोर्ट के आदेश पर विभाग मंत्रियों की संपत्ति का पता लगाने में जुटा है। जनवरी में इसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जायेगी। आयकर विभाग ने इनकी अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में कर लिया है।ड्ढr विभाग ने कई बड़े पूंजीपतियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इनमें मोबाइल दारोगा सोमनाथ त्रिपाठी के खिलाफ चलाया गया सव्रे सबसे चौंकाने वाला रहा। रांची और धनबाद के मोबाइल दारोगा त्रिपाठी ने दो करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति पर टैक्स जमा कराया है। उन्होंने धनबाद में ऑटो प्लेनेट नामक महेंद्रा का शो-रूम खरीदा है। दारोगा की पत्नी और भाई इसके डायरक्टर हैं। आयकर अनुसंधान शाखा की सव्रे टीम जब वहां पहुंची, तब त्रिपाठी ने इसमें विनियोग की गयी राशि को अपनी पैतृक संपत्ति बताया।ड्ढr इसके अलावा आयकर विभाग द्वारा माइनिंग के टीपी साव, स्पंज आयरन के कारोबारी बीएस अग्रवाल, सरावगी ग्रुप, धनबाद में पैथोलॉजी लैब चलाने वाले डॉ समीरन बनर्जी, सर्जन डॉ संजीत करण, धनबाद के नर्सिग होम संचालक सह रियल इस्टेट के मालिक जयप्रकाश खेतान और आस्था ग्रुप के कौशल किशोर सिंह के यहां की गयी छापामारी चर्चा में रही। टीपी साव के यहां से लगभग 27 करोड़, बीएस अग्रवाल के पास से 12 करोड़, सरावगी ग्रुप के पास से 15 करोड़, कौशल किशोर सिंह के पास से 12 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति उाागर करने में विभाग को सफलता मिली। ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मंत्रियों की बेनामी संपत्ति रही चर्चा में