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बहुत कम या ज्यादा नींद दिमाग के लिए अच्छी नहीं

बहुत कम या ज्यादा नींद दिमाग के लिए अच्छी नहीं

मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों के लिए बहुत कम या बहुत ज्यादा नींद लेना अच्छा नहीं है। इसका सीधा प्रभाव उनके मस्तिष्क पर होता है और इससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति, सीखने की क्षमता व तर्क शक्ति प्रभावित होती है।

एक नए अध्ययन के मुताबिक यदि आप हर रात छह घंटे से कम अवधि की नींद लेते हैं तो यह बहुत कम नींद है। इसी तरह यदि आप हर रात आठ घंटे से ज्यादा समय तक सोते हैं तो इसका मतलब है कि आप बहुत ज्यादा नींद ले रहे हैं।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन अमेरिका की एक चिकित्सा पत्रिका 'स्लीप' में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन दो अलग-अलग अवधियों में 1997-1999 व 2003-2004 में किया था। अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों से पूछा गया था कि उन्होंने एक औसत साप्ताहिक रात में कितने घंटे की नींद ली।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान दोनों अवधियों में कुछ प्रतिभागियों की नींद के घंटों में होने वाले बदलावों और पहले की ही तरह नींद लेने वाले प्रतिभागियों में तुलना की।

इसके बाद इन प्रतिभागियों की याददाश्त, तर्क शक्ति, शब्द भंडार व सोचने-समझने की शक्ति पर इसका असर देखा गया।

परिणाम बताते हैं कि जिन महिलाओं ने प्रत्येक रात सात घंटे की नींद ली उनका दिमाग सबसे बेहतर ढंग से काम कर रहा था। इसके बाद छह घंटे की नींद लेने वाली महिलाओं का दिमाग भी ठीक काम कर रहा था। पुरुषों में छह, सात या आठ घंटे की नींद लेने वाले प्रतिभागियों में सभी के दिमाग समान रूप से काम कर रहे थे।

वैसे छह घंटे से कम और आठ घंटे से ज्यादा समय तक सोने वाले प्रतिभागियों के दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहे थे।

शोधकर्ता जेन फेरी का कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए सात घंटे की नींद पर्याप्त होती है। उनका कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अधिक देर तक सोना हानिकारक क्यों होता है।

 

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