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डीयू: आरोपों में फंसा एसओएल के बच्चों का भविष्य

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में परीक्षाएं बुधवार से है। पर अभी तक एसओएल में छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिला है। इसमें जहां एसओएल एग्जामिनेशन विभाग की लापरवाही बता रहा है तो एग्जामिनेशन विभाग एसओएल को इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार मान रहा है।

चार मई से एसओएल में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बीए राजनीति शास्त्र आनर्स की एक छात्र ने बताया कि उसकी परीक्षा चार मई से शुरू है। लेकिन वह प्रवेश पत्र के लिए एसओएल के चक्कर लगा रही है पर अभी तक उसे प्रवेश पत्र नहीं मिला है। जब वह एसओएल गई जो उसे जानकारी दी गई कि अभी एसओएल के पास ही बीए के प्रवेश पत्र नहीं आए हैं। अब वह परेशान है कि वह परीक्षा कैसे देगी। एसओएल का कहना है कि हमारे पास एग्जामिनेशन विभाग से सेंटर और रोल न: आते हैं जिसे कंप्यूटर विभाग तुरंत नेट पर डाल देता है पर एग्जामिनेशन विभाग के डीन प्रो. आर.सी.शर्मा का कहना है कि चार दिन पहले ही एसओएल को सभी रोल न: दे दिए हैं।  छात्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एग्जामिनेशन विभाग की नहीं है।

यही नहीं कई पिछले साल किसी भी प्रकार की जानकारी खो देने की वजह से छात्रों का एक साल बिगड़ गया था। दरअसल हर साल एसओएल छात्रों को जरूरी दस्तावेज उनके घर भेजता है। लेकिन वह दस्तावेज पोस्ट करते समय खो गए। बाद में इंतजार करते सम छात्रों को पता चला कि परीक्षा हो चुकी है और उनके पास कुछ नहीं पहुंचा।

एक छात्र के अभिभावक ने बताया कि एक साल बर्बाद करने के बाद उनके बच्चे ने इस बार फिर दाखिला लिया लेकिन अभी तक कोई प्रवेश पत्र नहीं आया है। ऐसे में छात्र का दूसरा साल भी खराब होने की नौबत आ गई है।

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